स्कारबोरो रीफ पर चीन के राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र बनाने पर अमरीका ने जताई आपत्ति
अमेरिका ने इस मुद्दे पर किया फिलीपींस का समर्थन
नई दिल्ली ( विवेक ओझा) : अमरीका ने दक्षिण चीन सागर में स्कारबोरो रीफ को राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण क्षेत्र बनाने के चीन के फैसले पर आपत्ति जताई है। अमरीकी विदेश विभाग ने कहा कि चीन का यह कदम फिलीपींस के मछुआरों को उनके पारंपरिक मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों में जाने से रोक सकता है। अमरीका ने कहा कि वह स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए फिलीपींस के साथ खड़ा है।
चीन ने पहली अगस्त को स्कारबोरो रीफ के प्रबंधन के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों में संबंधित एजेंसियों के बीच सहयोग और निगरानी बढ़ाने की व्यवस्था की गई है। वहीं, 2016 में संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के तहत गठित न्यायाधीशों की समिति ने कहा था कि फिलीपींस के विशेष आर्थिक क्षेत्र में समुद्री संसाधनों पर चीन के ऐतिहासिक अधिकारों का कोई कानूनी आधार नहीं है। हालांकि, चीन ने इस फैसले को स्वीकार नहीं किया है।
कहां है स्कारबोरो रीफ क्षेत्र, क्यों है महत्वपूर्ण:
स्कारबोरो रीफ (जिसे स्कारबोरो शोल भी कहते हैं) दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के तट से लगभग 220 किमी दूर स्थित एक प्रवाल एटोल है। यह फिलीपींस के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में आता है, जिस पर चीन और फिलीपींस दोनों अपना-अपना दावा करते हैं।
यहाँ प्रचुर मात्रा में मछलियाँ मिलती हैं, जो स्थानीय मछुआरों की आजीविका का मुख्य साधन हैं। यह क्षेत्र प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों के पास है और तूफानों के दौरान जहाजों को सुरक्षित आश्रय देता है। यह क्षेत्र समृद्ध कोरल रीफ (प्रवाल भित्ति) पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ा हुआ है।
क्यों है विवादास्पद : चीन अपनी ‘नाइन-डैश लाइन’ के तहत इस पर ऐतिहासिक अधिकार जताता है, जबकि संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार यह फिलीपींस के EEZ का हिस्सा है। चीन ने 2012 के बाद से इस पर प्रभावी नियंत्रण बना रखा है और फिलीपींस के मछुआरों को वहाँ जाने से रोकता रहा है। 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले ने चीन के दावों को खारिज किया था, जिसे चीन ने नहीं माना। इसके अलावा, चीन द्वारा इसे ‘राष्ट्रीय प्रकृति आरक्षित क्षेत्र’ (National Nature Reserve) घोषित किए जाने और अवरोधक लगाने के कदमों का फिलीपींस और अमेरिका जैसे देश कड़ा विरोध कर रहे हैं।
चीन क्या प्लानिंग कर रहा है?
चीन ने स्कारबोरो शोल में एक नेचर रिज़र्व बनाने को मंज़ूरी दे दी है । उसका कहना है कि इससे 3,524 हेक्टेयर (8,708 एकड़) के कोरल रीफ़ इकोसिस्टम को बचाया जा सकेगा। यह तिकोने आकार के एटोल के पूरे उत्तर-पूर्वी हिस्से को कवर करेगा, और बड़े जहाजों के लिए एकमात्र एंट्रेंस के बहुत पास होगा।
इस घोषणा पर फिलीपींस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जो सालों से चीन पर कोरल और समुद्री जीवन को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों का आरोप लगाता रहा है, जिसमें क्लैम हार्वेस्टिंग भी शामिल है। फिलीपींस पर्यावरण के मुद्दों पर आगे इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन की संभावना तलाश रहा है । बीजिंग ने मनीला पर भी ऐसे ही आरोप लगाए हैं।