राजनीतिक टकराव चरम पर
दिल्ली प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का सीधा हमला- 'अमित शाह या तो दोषी हैं या अक्षम'
विवेक ओझा/ नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए नागरिक अधिकारों के प्रदर्शन (जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर) और उन पर हुई कड़ी पुलिसिया कार्रवाई को लेकर राजनीतिक घमासान अब अपने चरम पर पहुंच गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अब तक का सबसे तीखा और सीधा राजनीतिक हमला बोला है। राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की कथित बर्बरता के लिए गृह मंत्रालय को सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि गृह मंत्री “या तो इस हिंसा के लिए स्वयं दोषी हैं या फिर वे अपने पद के लिए अक्षम (Incompetent) हैं।”
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस (जो सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है) पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर आंसू गैस, पेलेट गन और लाठीचार्ज के अंधाधुंध इस्तेमाल के गंभीर आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस नेता ने मंच से कुछ तस्वीरें और वीडियो दिखाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे युवाओं पर क्रूरता बरती।
अपने आक्रामक भाषण में राहुल गांधी ने कहा, “दिल्ली की कानून-व्यवस्था सीधे गृह मंत्री के नियंत्रण में है। यदि पुलिस ने यह बर्बरता उनके आदेश पर की है, तो वे सीधे तौर पर दोषी (Culpable) हैं। और यदि पुलिस उनके आदेश के बिना यह सब कर रही है, तो वे गृह मंत्री के रूप में पूरी तरह अक्षम हैं और उन्हें पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
यह तीखी बयानबाज़ी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि विपक्ष अब सरकार को किसी भी मुद्दे पर ढील देने के मूड में नहीं है। कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन इस पुलिस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की हत्या’ के नैरेटिव के साथ जोड़कर देश भर में एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष (BJP) ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पलटवार किया है कि विपक्ष जानबूझकर उपद्रवियों को उकसा रहा है और दिल्ली की शांति भंग करने का प्रयास कर रहा है। आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर भारी हंगामा होने के पूरे आसार हैं।