जांच एजेंसियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका
टीएमसी (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी को मिली आंख के इलाज के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति
इंडियन व्यू टीम/ नई दिल्ली / कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति और केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली से जुड़ी एक बड़ी कानूनी खबर सामने आई है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को एक बड़ी राहत देते हुए उन्हें चिकित्सा कारणों से विदेश यात्रा करने की अनुमति प्रदान कर दी है। अभिषेक बनर्जी ने अपनी आंख के विशेष इलाज (Eye Treatment) के लिए देश से बाहर जाने की गुहार लगाई थी, जिसका केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED और CBI) ने कड़ा विरोध किया था।
अभिषेक बनर्जी और उनका परिवार पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाला (Coal Smuggling Scam) और शिक्षक भर्ती घोटाले (Recruitment Scam) सहित कई गंभीर मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच के घेरे में हैं। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने अदालत में तर्क दिया था कि बनर्जी एक प्रभावशाली राजनेता हैं और उनके विदेश जाने से जांच प्रभावित हो सकती है या वे ‘फ्लाइट रिस्क’ (देश छोड़कर भागने का खतरा) साबित हो सकते हैं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसके बुनियादी स्वास्थ्य के अधिकार और उचित चिकित्सा उपचार प्राप्त करने से महरूम नहीं रखा जा सकता, महज़ इसलिए कि उसके खिलाफ जांच लंबित है।
अदालत ने अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की अनुमति कुछ सख्त शर्तों के साथ दी है। उन्हें अपनी यात्रा का पूरा विवरण (Itinerary), अस्पताल के दस्तावेज़ और संपर्क सूत्र जांच एजेंसियों को सौंपने होंगे। साथ ही, उन्हें यह शपथ पत्र (Undertaking) देना होगा कि वे इलाज पूरा होते ही जांच में सहयोग करने के लिए वापस लौटेंगे। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला उन मामलों के लिए एक बड़ी मिसाल (Precedent) बनेगा जहाँ जांच एजेंसियां अक्सर लुक आउट सर्कुलर (LOC) का इस्तेमाल कर राजनेताओं को विदेश जाने से रोकती हैं। इस फैसले से टीएमसी खेमे में भारी राजनीतिक राहत देखने को मिल रही है।