मात्रा बनाम गुणवत्ता का संकट: तेलंगाना में हैं 36 सरकारी मेडिकल कॉलेज, लेकिन ‘IIRF 2026’ की टॉप सूची में केवल 4 बना पाए जगह
अभिषेक सिंह/हैदराबाद: भारत में चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) के विस्तार और उसकी ज़मीनी गुणवत्ता को लेकर एक बेहद विचारणीय रिपोर्ट सामने आई है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है, जो राज्य के बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार को दर्शाता है। लेकिन, हाल ही में जारी ‘इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क’ (IIRF) 2026 की टॉप मेडिकल संस्थानों की राष्ट्रीय सूची में तेलंगाना के केवल चार (4) सरकारी मेडिकल कॉलेज ही अपनी जगह बना पाए हैं। यह आंकड़ा चिकित्सा शिक्षा में ‘क्वांटिटी बनाम क्वालिटी’ (मात्रा बनाम गुणवत्ता) की एक बड़ी बहस को जन्म देता है।
IIRF रैंकिंग संस्थानों का मूल्यांकन शिक्षण गुणवत्ता, फैकल्टी, शोध (Research), प्लेसमेंट और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के आधार पर करती है। तेलंगाना सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में ‘हर ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज’ की महत्वाकांक्षी नीति के तहत तेज़ी से नए कॉलेजों की स्थापना की है, ताकि ग्रामीण छात्रों को भी डॉक्टर बनने का अवसर मिले और राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर हो। लेकिन रैंकिंग में खराब प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि केवल ईंट-पत्थर की इमारतें खड़ी कर देना पर्याप्त नहीं है।
चिकित्सा शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नए मेडिकल कॉलेजों में योग्य और अनुभवी फैकल्टी (प्रोफेसरों) की भारी कमी एक बड़ा संकट है। इसके अलावा, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, उन्नत क्लिनिकल ट्रेनिंग सुविधाओं और शोध के लिए आवश्यक फंडिंग का भी अभाव देखा जा रहा है। जब तक नए कॉलेजों को पुराने और प्रतिष्ठित संस्थानों (जैसे उस्मानिया या गांधी मेडिकल कॉलेज) के स्तर पर अपग्रेड नहीं किया जाएगा, तब तक वहां से निकलने वाले छात्रों की क्लिनिकल दक्षता पर सवाल उठते रहेंगे।
प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण (GS Paper 2 – Health & Education) से यह रिपोर्ट नीति निर्माताओं के लिए एक केस स्टडी है। यह स्पष्ट करती है कि सरकार को अब नए संस्थान खोलने के बजाय मौजूदा संस्थानों के शैक्षणिक उन्नयन (Academic Upgradation), रिसर्च आउटपुट और वहां विश्वस्तरीय फैकल्टी नियुक्त करने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि देश को ‘डिग्री धारक’ नहीं, बल्कि ‘कुशल’ डॉक्टर मिल सकें।