कृषि क्षेत्र में बड़ा दांव: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने धान और गन्ना किसानों के लिए ‘ऐतिहासिक वृद्धि’ की घोषणा की
अभिषेक सिंह/चेन्नई:तमिलनाडु की राजनीति और कृषि अर्थशास्त्र (Agricultural Economics) के क्षेत्र में एक बड़ा नीतिगत फैसला सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने वित्तीय चुनौतियों के बावजूद धान और गन्ना उगाने वाले किसानों के लिए महत्वपूर्ण और विशेष प्रोत्साहन (Incentives) की घोषणा की है। इसे राज्य सरकार द्वारा कृषि कल्याण की दिशा में एक ‘ऐतिहासिक वृद्धि’ (Historic hike) के रूप में देखा जा रहा है।
आधिकारिक घोषणा के अनुसार, राज्य सरकार ने धान की फाइन (उत्कृष्ट) किस्मों के लिए 289 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य श्रेणी (General categories) के धान के लिए 159 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। इस महत्वपूर्ण वृद्धि के बाद, राज्य में धान की कुल खरीद कीमत उत्कृष्ट किस्मों के लिए 2,750 रुपये और सामान्य किस्मों के लिए 2,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच जाएगी। इसी प्रकार गन्ने के लिए भी विशेष आर्थिक लाभों की रूपरेखा तैयार की गई है।
आर्थिक और नीतिगत दृष्टिकोण से, यह फैसला बेहद अहम है। राज्य सरकारें अक्सर केंद्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर अपना राज्य परामर्श मूल्य (SAP) या विशेष बोनस देती हैं ताकि स्थानीय किसानों की आय बढ़ाई जा सके। तमिलनाडु सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब राज्य के राजकोष (State Exchequer) पर पहले से ही वित्तीय दबाव है।
इस तरह के वित्तीय प्रोत्साहन किसानों को नकदी फसलें उगाने और कृषि संकट से उबरने में मदद करते हैं। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का एक वर्ग इसे लोकलुभावन नीति (Populist policy) भी मान सकता है, जो राज्य के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को बढ़ा सकती है। फिर भी, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए मुख्यमंत्री का यह कदम ज़मीनी स्तर पर एक बड़ा बदलाव ला सकता है।