कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की अग्निपरीक्षा
विधानसभा सत्र में सिद्धारमैया-शिवकुमार को घेरने के लिए विपक्ष ने तैयार किया 'मल्टी-प्रॉन्ग्ड' अटैक
इंडियन व्यू टीम/ बेंगलुरु: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के लिए आगामी विधानसभा सत्र किसी ‘अग्निपरीक्षा’ (Testing session) से कम नहीं होने वाला है। राज्य का प्रमुख विपक्षी गठबंधन—भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)]—सरकार को कई मोर्चों पर एक साथ घेरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ एक बहुआयामी (Multi-pronged) हमले की रणनीति तैयार कर ली है।
इस सत्र में सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा ‘कावेरी जल विवाद’ का रहने वाला है। जिस दिन यह सत्र शुरू हो रहा है, उसी दिन कई कन्नड़ संगठनों ने तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने के विरोध में ‘कर्नाटक बंद’ का आह्वान किया है। इससे राजनीतिक माहौल में पहले से ही भारी गर्मी आ गई है। विपक्ष इस मौके का फायदा उठाते हुए सरकार पर राज्य के किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाएगा।
इसके अलावा, बिदाड़ी प्रोजेक्ट (Bidadi project) से जुड़े विवाद, कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में चल रहे बवाल, राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति और कैबिनेट में विभागों के बंटवारे (Portfolio delay) को लेकर सरकार के भीतर चल रही कथित खींचतान जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष सदन में ज़ोरदार हंगामा करने की तैयारी में है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार की जोड़ी के लिए विपक्ष के इन तीखे हमलों का जवाब देना और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना एक बड़ी चुनौती साबित होगी।