लाल सागर में एक जहाज पर हूतियों ने दागी मिसाइल, हमले में 6 की मौत
नई दिल्ली ( राघवेंद्र प्रताप सिंह) : यमन सरकार ने कहा है कि लाल सागर के बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज पर हुए ‘डबल-टैप’ मिसाइल हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई. सरकार ने इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है.
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि हूतियों ने ‘तिहामाह’ नाम के एक छोटे कार्गो जहाज पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो खाना ले जा रहा था. मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों से आग लग गई, जिसमें चार क्रू मेंबर (तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई) की मौत हो गई और चार अन्य क्रू मेंबर व एक बचावकर्मी घायल हो गए.
इसमें आगे कहा गया कि सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने के बाद हूतियों ने जहाज पर दूसरी बार हमला किया. इसे उन्होंने ‘रेस्क्यू टीम समेत जहाज पर मौजूद सभी लोगों की जान को खतरे में डालने’ की कोशिश बताया. बाद में यमन के कोस्ट गार्ड ने पुष्टि की कि मारे गए लोगों में से दो रेस्क्यू वर्कर थे.
शुरुआत में जहाज के मालिकाना हक को लेकर उलझन थी. यमन के अधिकारियों और समुद्री इंटेलिजेंस ग्रुप ‘मैरिस्क’ ने सबसे पहले बताया था कि सऊदी अरब के मालिकाना हक वाले एक जहाज पर हमला हुआ. हालाँकि, ‘मरीनट्रैफिक’ के डेटा से पता चलता है कि ‘तिहामा’ तंजानिया के झंडे के नीचे चल रहा है और इसके मालिक मिस्र और यमन में रजिस्टर्ड कंपनियाँ हैं.
इस बीच जेरूसलम पोस्ट में छपे एक विश्लेषण के अनुसार पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हाल ही में घोषित ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौता’ अपनी पहली बड़ी परीक्षा में नाकाम होता दिख रहा है. यह तब हुआ जब यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने जाजान में अरामको रिफाइनरी पर हमला किया, लेकिन इस नए गठबंधन ने हमले का कोई साफ सैन्य जवाब नहीं दिया और न ही कोई चेतावनी दी.
जाजान में अरामको रिफाइनरी में रविवार सुबह आग लग गई. हूती लड़ाकों के प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि सऊदी अरब द्वारा सादा और हज्जा प्रांतों में किए गए ड्रोन ऑपरेशन्स के जवाब में उनके ग्रुप ने इस फ़ैसिलिटी को ड्रोन से निशाना बनाया था. बाद में सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने आग लगने की पुष्टि की और कहा कि आग बुझा दी गई है.