नीट छात्रों के विरोध प्रदर्शन और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित

नई दिल्ली ( राघवेंद्र प्रताप सिंह) : नीट परीक्षा को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। दोपहर तीन बजे जब लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने विपक्ष के हंगामे के बीच खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार-विमर्श और पारित करने का प्रस्ताव रखा। विधेयक बिना किसी चर्चा के पारित हो गया।

इसके बाद अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार नीट परीक्षा को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर चर्चा के लिए तैयार है और सदन इस पर चर्चा कर सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले दिन से ही गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा था, लेकिन जब सरकार तैयार है, तो विपक्ष इससे कतरा रहा है।

 

इससे पहले, पहले स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे जब लोकसभा फिर से शुरू हुई, तो मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज पेश किए। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मंजूरी भी दे दी। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के के.सी. वेणुगोपाल ने विधेयक का विरोध किया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इसे अल्पसंख्यकों और गैर सरकारी संगठनों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि अगर उन्हें विधेयक के कुछ प्रावधानों के बारे में कोई आशंका है, तो उन्हें संयुक्त संसदीय समिति में विचार-विमर्श का पर्याप्त अवसर मिलेगा। श्री रिजिजू ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून का एक भी प्रावधान अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक भारत के हर समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए है। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी, जिसके चलते अध्यक्ष को सदन को दोपहर 3 बजे तक स्थगित करना पड़ा।