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राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर बड़ा फैसला: ‘वंदे मातरम’ का अपमान अब होगा अपराध, राष्ट्रपति मुर्मू ने बिल को दी मंज़ूरी

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली: भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और गरिमा को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वंदे मातरम’ के अपमान को अपराध की श्रेणी में लाने वाले विधेयक (Bill) को अपनी आधिकारिक सहमति (Assent) दे दी है, जिसके बाद अब यह एक कानून बन गया है।

इस नए कानून के लागू होने से पहले, ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ (Prevention of Insults to National Honour Act) के तहत मुख्य रूप से राष्ट्रीय गान (National Anthem) को ही विशेष कानूनी संरक्षण प्राप्त था। पुराने कानून के तहत जानबूझकर राष्ट्रगान गाने से रोकना या ऐसा गान कर रही किसी भी सभा में बाधा उत्पन्न करना पूरी तरह से प्रतिबंधित था। लेकिन अब, इसी तर्ज़ पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को भी इस अधिनियम के सुरक्षा घेरे में ला दिया गया है।

सरकार का यह कदम इस बात को सुनिश्चित करता है कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाले और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़े इस गीत का कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक रूप से अनादर या अपमान न कर सके। यदि कोई व्यक्ति अब जानबूझकर ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालता है या इसका अपमान करता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई और सज़ा का सामना करना पड़ेगा। यह कानून देश में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान को और अधिक मज़बूत करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।