संसद में घमासान जारी: भारी हंगामे के बीच बिना बहस के पारित हुआ ‘बैंकर्स बुक्स बिल’, किरेन रिजिजू ने विपक्ष से मांगी देश से माफ़ी की मांग
अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के बीच जारी गतिरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। 8 अगस्त 2026 को विपक्षी सांसदों के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस (संशोधन) विधेयक’ को बिना किसी बहस के (Without debate) पारित कर दिया। इस बिल के ज़रिए अब अदालती कार्यवाहियों में डिजिटल और वर्चुअल बैंकिंग रिकॉर्ड्स को प्राथमिक साक्ष्य के रूप में कानूनी मान्यता मिल जाएगी।
जैसे ही दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए वेल (Well) में आ गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी सदस्य प्रश्नकाल और विधायी कार्यों को सुचारू रूप से नहीं चलने दे रहे हैं।
सदन में माहौल उस समय और गरमा गया जब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और समाजवादी पार्टी (SP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल ‘भगवान राम के विरोधी’ हैं और उनकी मानसिकता देश की संस्कृति के खिलाफ है। रिजिजू ने मांग की कि इन विपक्षी दलों को अपने आचरण के लिए पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए। इस तीखी बयानबाज़ी के बाद सदन में हंगामा और बढ़ गया।