Trending

नक्शे की लड़ाई में चीन की बौखलाहट: अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का औपचारिक नामकरण करने पर चीनी मीडिया ने भारत को कोसा

इंडियन व्यू टीम/ बीजिंग / नई दिल्ली: सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच जारी कूटनीतिक रस्साकशी एक बार फिर ‘नक्शे और नामकरण’ की लड़ाई में तब्दील हो गई है। भारत द्वारा अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के 27 स्थानों का औपचारिक रूप से नामकरण (formally naming) किए जाने के कदम से चीन भारी बौखलाहट में है। चीन की सरकारी मीडिया ने भारत के इस आक्रामक कूटनीतिक कदम की तीखी आलोचना (slams) की है।

हाल ही में, भारत ने अपने आधिकारिक नक्शे पर अरुणाचल प्रदेश—जो कि एक सीमावर्ती राज्य है—में 27 स्थानों की औपचारिक रूप से पहचान कर उन्हें उनके ‘मानक नामों’ (standard names) के साथ दर्ज किया है। भारत द्वारा जारी की गई इस सूची में ज़मीन के हिस्से, दर्रे (passes), एक झील (lake) और एक स्मारक (monument) शामिल हैं। भारत का यह कदम सीधे तौर पर चीन की उस ‘कार्टोग्राफिक आक्रामकता’ का जवाब है, जिसके तहत वह अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों का चीनी नामकरण करने की नाकाम कोशिश करता रहा है।

इस घटनाक्रम पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को चीनी मीडिया ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। चीनी मीडिया ने एक चेतावनी भरे लहज़े में कहा है कि भारत को इस सीमा मुद्दे को एक बड़े विवाद (larger dispute) में बदलने से बचना चाहिए। चीन के मुखपत्रों का दावा है कि भारत के इस तरह के कदम उठाने से दोनों देशों के बीच सुधरते राजनीतिक संबंधों (improving political ties) को भारी नुकसान पहुंच सकता है और बातचीत की प्रक्रिया बाधित (stifle) हो सकती है।

हालांकि, नई दिल्ली का रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और अपने ही राज्य के स्थानों का आधिकारिक नामकरण करना भारत का संप्रभु अधिकार है। विदेशी मामलों के जानकारों का मानना है कि भारत अब सीमाई दावों के मामले में रक्षात्मक होने के बजाय चीन को उसी की भाषा में जवाब दे रहा है, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नए और आक्रामक युग की शुरुआत है।