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राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ी जीत: स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित शहज़ाद भट्टी गिरोह के 200 से अधिक गुर्गे गिरफ्तार, अमित शाह ने दी जानकारी

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस बलों ने देश को दहलाने की एक बहुत बड़ी और खौफनाक साजिश को नाकाम कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बेहद अहम और सनसनीखेज जानकारी देते हुए बताया है कि खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित और ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) समर्थित ‘शहज़ाद भट्टी नेटवर्क’ से जुड़े 200 से अधिक गुर्गों को गिरफ्तार किया है। यह एक ऐसा संगठित नेटवर्क था जो स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के आस-पास देश में बड़े पैमाने पर विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय और समन्वित तरीके से अंजाम दिया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने पुष्टि की कि 12 अगस्त को देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ समन्वित छापेमारी (Coordinated raids) की गई थी। इसी त्वरित और सटीक कार्रवाई ने शहज़ाद भट्टी नेटवर्क की उन खतरनाक योजनाओं को विफल कर दिया, जिनका उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर देश की शांति और कानून-व्यवस्था को भंग करना था।

यह गिरफ्तारी भारत के सुरक्षा तंत्र की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। 200 से अधिक स्लीपर सेल और गुर्गों का एक साथ पकड़ा जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सीमा पार बैठे देश के दुश्मन भारत के भीतर एक बहुत गहरा और व्यापक नेटवर्क तैयार करने में जुटे थे। शहज़ाद भट्टी गैंग को सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का संरक्षण और फंडिंग प्राप्त थी, जिसका काम भारत में हथियारों की तस्करी, ड्रग्स नेटवर्क और आतंकवाद को बढ़ावा देना था।

गृह मंत्रालय के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली किसी भी प्रकार की राष्ट्र-विरोधी गतिविधि के खिलाफ भारत की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति ज़मीनी स्तर पर पूरी कठोरता से लागू की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए गए इन गुर्गों से अब गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे भविष्य में इस सिंडिकेट के वित्तीय स्रोतों और उनके स्थानीय मददगारों (Local Handlers) का पर्दाफाश होने की पूरी उम्मीद है। देशवासियों के लिए यह खबर एक बड़ी राहत है कि उनके जश्‍न में खलल डालने वाले हाथ समय रहते कानून की गिरफ्त में आ गए।