रक्षाबंधन और त्योहारों से पहले बड़ा तोहफा: यूपी परिवहन निगम के आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में 5% की बढ़ोतरी, योगी सरकार का बड़ा फैसला

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ माने जाने वाले उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के हजारों संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी और सुखद खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने का आधिकारिक फैसला लिया है। सरकार के इस कदम से लंबे समय से वेतन वृद्धि की राह देख रहे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में वर्तमान समय में बड़ी संख्या में बस चालक (ड्राइवर्स), परिचालक (कंडक्टर्स), वर्कशॉप के तकनीकी कर्मी और डिपो पर प्रशासनिक कार्य संभालने वाले कर्मचारी आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मचारी चिलचिलाती धूप, कड़ाके की ठंड और बरसात के मौसम में भी चौबीसों घंटे प्रदेश के कोने-कोने तक यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाने का काम करते हैं। बढ़ती महंगाई और दैनिक खर्चों के बीच आउटसोर्स कर्मचारियों के विभिन्न संगठन लगातार अपने पारिश्रमिक में संशोधन और मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे थे।
परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लाभ प्रदेश भर के सभी क्षेत्रीय डिपो में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मियों को तत्काल प्रभाव से मिलना शुरू हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकार कर्मचारियों के कल्याण और उनके आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आगामी त्योहारों के मौसम, विशेषकर रक्षाबंधन और उसके बाद आने वाले त्योहारों से ठीक पहले लिया गया यह निर्णय कर्मचारियों के लिए एक बड़े आर्थिक प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।
कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मानदेय में इस बढ़ोतरी से न केवल कर्मचारियों का आर्थिक बोझ कुछ कम होगा, बल्कि उनके कार्य मनोबल (Morale) में भी भारी इजाफा होगा। हालांकि, कुछ कर्मचारी प्रतिनिधियों का यह भी कहना है कि वे भविष्य में आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण और ईपीएफ व स्वास्थ्य बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के और बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद करते हैं। फिलहाल, इस ताजा फैसले से रोडवेज के हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।