रसायन शास्त्र के प्रोफेसर से भाजपा के राष्ट्रीय ‘डिजिटल रणनीतिकार’ तक: जानिए कौन हैं दीपक म्हस्के, जिन्हें मिली है पार्टी के सोशल मीडिया की कमान

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ रायपुर / नई दिल्ली: भारत की राजनीति में आज के दौर में सोशल मीडिया किसी भी चुनाव को जीतने या हारने का सबसे बड़ा और निर्णायक हथियार बन चुका है। इसी डिजिटल युद्ध के मैदान (Digital Battlefield) को फतह करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने केंद्रीय संगठन में एक बेहद अहम नियुक्ति की है। छत्तीसगढ़ के 58 वर्षीय राजनेता और पूर्व में रसायन शास्त्र (Chemistry) के प्रोफेसर रहे दीपक म्हस्के (Deepak Mhaskey) को भाजपा का नया ‘राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक’ (National Social Media Convener) नियुक्त किया गया है।
दीपक म्हस्के की यह नियुक्ति कई मायनों में बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली है। आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर की आईटी और सोशल मीडिया टीमों की कमान कॉर्पोरेट बैकग्राउंड या महानगरों के युवा टेक-एक्सपर्ट्स को दी जाती है। लेकिन पार्टी ने एक 58 वर्षीय शिक्षाविद और ज़मीनी राजनेता पर भरोसा जताया है। दीपक म्हस्के का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड उनके इस बड़े प्रमोशन की गवाही देता है। वे लंबे समय तक छत्तीसगढ़ में पार्टी के राज्य-स्तरीय प्रवक्ता (State-level spokesperson) के रूप में कार्य कर चुके हैं और अतीत में छत्तीसगढ़ भाजपा के सोशल मीडिया सेल का सफलतापूर्वक नेतृत्व भी कर चुके हैं।
कहा जाता है कि एक प्रोफेसर के रूप में उनका विश्लेषणात्मक (Analytical) और वैज्ञानिक दृष्टिकोण उन्हें राजनीतिक नैरेटिव (विमर्श) को बारीकी से समझने में मदद करता है। हालांकि, इस ‘बड़े प्रोफाइल’ (Bigger profile) के साथ उनके सामने ‘चुनौतियां भी उतनी ही विकराल’ (Formidable challenge) हैं। आज के समय में विपक्ष का सोशल मीडिया तंत्र बेहद मज़बूत हो चुका है। रोज़ाना ट्रेंड होने वाले हैशटैग्स, फेक न्यूज़, डीपफेक वीडियो (Deepfakes) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनित प्रोपेगेंडा से निपटना एक बहुत बड़ा सिरदर्द बन गया है।
दीपक म्हस्के का मुख्य काम अब देश भर में फैले भाजपा के लाखों डिजिटल योद्धाओं (Cyber Yoddhas) और आईटी सेल के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा। उन्हें केंद्र सरकार की नीतियों, योजनाओं और हिंदुत्व के वैचारिक एजेंडे को आम जनता, विशेषकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं तक आसान और आकर्षक भाषा में पहुंचाना होगा। आगामी महत्वपूर्ण राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए, भाजपा आलाकमान को म्हस्के से उम्मीद है कि वे विपक्ष के हर हमले का सटीक और तथ्यों पर आधारित ‘डिजिटल काउंटर’ तैयार करेंगे। एक छोटे से राज्य से निकलकर सीधे दिल्ली के राष्ट्रीय मुख्यालय में सोशल मीडिया की कमान संभालना दीपक म्हस्के के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने वाली है।