शिक्षा मंत्रालय का कड़ा एक्शन: NTA को परीक्षा प्रक्रिया का पूर्ण ऑडिट करने का निर्देश, गड़बड़ियों के बाद 50 से अधिक कर्मचारी हटाए गए

राघवेन्द्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन में हुई हालिया गड़बड़ियों और विवादों के बाद केंद्र सरकार अब पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करने के उद्देश्य से, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी (Education Minister Pralhad Joshi) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को अपनी पूरी परीक्षा प्रक्रिया का कड़ाई से ऑडिट (audit) करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। इसके साथ ही, मंत्री ने एजेंसी से जल्द से जल्द ‘सुधारात्मक कार्रवाई रिपोर्ट’ (corrective action report) भी सौंपने को कहा है।
शिक्षा मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, NTA के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर गहन मंथन किया गया। बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को इस बात की आधिकारिक जानकारी दी गई कि हालिया विवादों और परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों के मद्देनजर , NTA ने अपने कार्यबल में बड़ी छंटनी की है। एजेंसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने 50 से अधिक कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया है।
सिस्टम को अधिक पेशेवर और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए NTA ने प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव शुरू कर दिया है। एजेंसी ने शीर्ष स्तर पर 10 नए पेशेवर नेतृत्व पदों के लिए विज्ञापन भी जारी किया है। सरकार का यह कदम इस बात का संकेत है कि वह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर अब किसी भी तरह की प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
परीक्षाओं में पेपर लीक और तकनीकी खामियों के चलते देश भर के छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। शिक्षा मंत्री का यह ऑडिट निर्देश इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास है कि भविष्य में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाएं त्रुटिहीन हों और एक मजबूत साइबर व भौतिक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। इस पूरी कवायद का अंतिम लक्ष्य NTA की खोई हुई साख को वापस लाना और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना है।