मां के मुंह में तौलिया ठूंसा था और जेवर थे गायब… यूपी में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने पुलिस जांच पर उठाए गंभीर सवाल

Lucknow : उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की बुजुर्ग मां की संदिग्ध मौत के मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने अपनी मां की मौत को लेकर पुलिस की शुरुआती थ्योरी और बयानों पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने बिना विसरा जांच और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के मौत को महज ‘हार्ट अटैक’ करार देने वाली खबरों का खंडन किया है। आईपीएस ने दावा किया है कि उनकी 94 वर्षीय मां के मुंह में तौलिया ठूंसा गया था, उनके चेहरे पर गंभीर चोट और खून के निशान थे और शरीर से जेवरात भी गायब थे। उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।मालीपुर थाना क्षेत्र की घटना और पुलिस का शुरुआती पक्षअंबेडकरनगर के मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा गांव में 16 अगस्त को 94 वर्षीय इंद्रा देवी का शव उनके घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। मामले में अंबेडकरनगर की पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्राची सिंह ने बयान जारी करते हुए बताया था कि दोपहर के वक्त एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा थानाध्यक्ष को सूचना दी गई थी कि आईपीएस आशुतोष मिश्रा की माता जी का निधन हार्ट अटैक से हो गया है। इसके बाद फॉरेंसिक यूनिट और अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचायतनामा की कार्रवाई की गई थी, जिसमें शरीर पर किसी बाहरी गंभीर चोट के निशान या फाइट मार्क्स नहीं दिखने की बात कही गई थी। हालांकि, बाद में पुलिस ने एक खंडन जारी कर स्पष्ट किया कि मामले में एफआईआर में दर्ज जेवरात की बरामदगी अभी पुलिस द्वारा नहीं की गई है और इसके लिए विशेष टीमों का गठन कर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।आईपीएस आशुतोष मिश्रा के गंभीर आरोपआईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने मीडिया और पुलिस प्रशासन के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में बिना अंतिम मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के जल्दबाजी में अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक सूचनाओं का खंडन स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा समय पर किया जाना चाहिए था। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों पर भरोसा जताते हुए एडीजी और डीआईजी से इस मामले में चर्चा की है और घटना के वास्तविक खुलासे के लिए अपनी विशेष टीम लगाने का अनुरोध किया है।राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएंइस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद राज्य का सियासी पारा भी चढ़ गया है:मायावती की प्रतिक्रिया: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि जब एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का परिवार ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।अखिलेश यादव का बयान: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक आईपीएस अधिकारी की माता जी की हत्या का समाचार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और जब प्रदेश में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।