झारखंड में सियासी भूचाल: CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित और 17 की होगी CID जांच

रांची : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में चल रहे युवाओं और छात्रों के लंबे आंदोलन के बीच एक बहुत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर पिछले 23 दिनों से छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए CGL समेत 22 से अधिक भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इसके अलावा छह परीक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है, जबकि पहले आयोजित की जा चुकी 17 परीक्षाओं की जांच अब सीआईडी (CID) से कराने का आधिकारिक ऐलान किया गया है।देर रात जारी की गईं आठ महत्वपूर्ण अधिसूचनाएंमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के माध्यम से देर रात कुल आठ अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं। इन आदेशों के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सरकार ने परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) की कार्यप्रणाली और भूमिका पर गंभीर सवाल उठने के बाद यह कड़ा फैसला लिया है। इसके तहत टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं और उनके परिणामों को भी रद्द कर दिया गया है। इन ताबड़तोड़ फैसलों से राज्य के लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों और भविष्य पर सीधा असर पड़ा है।CGL और कई बड़ी परीक्षाएं हुईं पूरी तरह रद्दरद्द की गई परीक्षाओं की सूची में झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) 2023 भी शामिल है, जिसके तहत 1932 पदों पर बहाली होनी थी। इसके साथ ही झारखंड पात्रता परीक्षा-2024, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 और 2025, बैकलॉग परीक्षाएं, विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, सरकारी पॉलीटेक्निक लेक्चरर, मेडिकल कॉलेज सहायक प्रोफेसर, सिविल जज जूनियर डिवीजन, सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्र पदाधिकारी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के पद शामिल हैं।छह परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगितसरकार ने सभी परीक्षाओं को रद्द करने के बजाय कुछ चुनिंदा परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित करने का भी विकल्प चुना है। खाद्य विश्लेषक, उप निदेशक अभियोजन, प्रोजेक्ट मैनेजर, फैक्ट्री निरीक्षक, बॉयलर निरीक्षक और निदेशक पद की भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक रोक दिया गया है। इन परीक्षाओं के भविष्य को लेकर सरकार आने वाले दिनों में नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी कर सकती है, जिससे अभ्यर्थियों को स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।पुरानी 17 परीक्षाओं की होगी सीआईडी जांचछात्रों की सबसे प्रमुख मांग परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की थी। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले आयोजित की जा चुकी 17 परीक्षाओं की जांच सीआईडी (CID) को सौंप दी है। जांच एजेंसी अब इन परीक्षाओं से जुड़े तमाम दस्तावेजों, ओएमआर शीट, चयन प्रक्रियाओं और सामने आएर सभी गंभीर आरोपों की गहराई से पड़ताल करेगी ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।परीक्षा सुधारों के लिए समिति का गठन और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्तावभविष्य में होने वाली परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए सरकार ने कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। जेपीएससी और जेएसएससी के भीतर आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ (Internal Vigilance Cell) का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है, जो दो महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके अलावा, परीक्षाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का अनुरोध करने का भी निर्णय लिया गया है।