उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का उत्तराखंड दौरा: राज्य के विकास और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर

अभिषेक सिंह/ देहरादून: उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 19 और 20 अगस्त 2026 को देवभूमि उत्तराखंड के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। उनका यह दौरा कई मायनों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वे राज्य के प्रमुख नीति निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

दौरे की मुख्य बातें और कार्यक्रम:

उपराष्ट्रपति के इस दौरे के दौरान राज्य के विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे की स्थिति और सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर कई उच्च स्तरीय बैठकें प्रस्तावित हैं। वे देहरादून में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे जहां राज्य की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति उत्तराखंड के कुछ प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का भी दौरा कर सकते हैं और युवाओं को संबोधित करेंगे।

सीमांत राज्य होने का महत्व:

उत्तराखंड न केवल एक प्रमुख पर्यटन और धार्मिक केंद्र है, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी यह एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य है जिसकी सीमाएं अंतरराष्ट्रीय देशों से लगती हैं। ऐसे में केंद्र सरकार के उच्च पदस्थ प्रतिनिधि का यह दौरा राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (Vibrant Village Program) जैसी योजनाओं की समीक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।

तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था:
इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री और राज्यपाल स्वयं उपराष्ट्रपति के स्वागत और प्रोटोकॉल की निगरानी कर रहे हैं। राज्य सरकार इस अवसर का उपयोग केंद्र से राज्य की लंबित विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त सहायता और फंड की मांग करने के लिए भी कर सकती है। कुल मिलाकर, उपराष्ट्रपति का यह दौरा केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को और प्रगाढ़ करेगा और उत्तराखंड की विकास यात्रा को एक नई गति प्रदान करेगा।