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अदम्य साहस की मिसाल ‘अपराजिता – परंग ला 2026’: एनसीसी की बालिकाओं का उच्च हिमालयी अभियान शुरू

सरिता त्रिपाठी
नई दिल्ली

देश की बेटियों के अदम्य साहस, शारीरिक क्षमता और नेतृत्व कौशल को एक नया मंच प्रदान करते हुए, राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की अखिल भारतीय बालिका टीम ने ‘अपराजिता – परंग ला 2026’ पदयात्रा (Trek) की शुरुआत की है। रक्षा मंत्री ने नई दिल्ली से इस साहसिक और चुनौतीपूर्ण उच्च-ऊंचाई (High-Altitude) वाली लंबी पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।

अभियान की चुनौतियां और मार्ग:
परंग ला दर्रा (Parang La Pass) हिमाचल प्रदेश के स्पीति घाटी और लद्दाख को जोड़ने वाला एक बेहद दुर्गम और प्राचीन व्यापारिक मार्ग है। यह दर्रा समुद्र तल से लगभग 18,300 फीट (5,580 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है। इस अभियान के दौरान एनसीसी की इन जांबाज बालिकाओं को शून्य से नीचे का तापमान, बर्फीले तूफान, कम ऑक्सीजन और खड़ी चढ़ाई जैसी अत्यंत कठिन भौगोलिक और मौसमी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

‘अपराजिता’ का उद्देश्य और महत्व:
इस अभियान का नाम ‘अपराजिता’ रखा गया है, जिसका अर्थ है ‘जिसे कभी हराया न जा सके’। यह नाम इन कैडेट्स की मानसिक दृढ़ता और इच्छाशक्ति को दर्शाता है। इस ट्रेक का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विशेषकर युवतियों में साहसिक खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना, प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना और कठिन परिस्थितियों में टीम वर्क (Teamwork) तथा संकट प्रबंधन (Crisis Management) सिखाना है।

नारी शक्ति का प्रतीक:
रक्षा मंत्री ने कैडेट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह अभियान नए भारत की ‘नारी शक्ति’ का जीता-जागता उदाहरण है। आज भारत की बेटियां फाइटर जेट उड़ाने से लेकर हिमालय की सबसे दुर्गम चोटियों को फतह करने तक, हर क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित कर रही हैं। एनसीसी का यह अभियान देश की लाखों अन्य बालिकाओं को अपने सपनों की उड़ान भरने और हर मुश्किल का डटकर सामना करने की प्रेरणा देगा।