कूटनीतिक मोर्चे पर भारत की बड़ी जीत: अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को बताया ‘भारत का अहम हिस्सा’, शांति प्रयासों की जमकर की तारीफ

अभिषेक सिंह/ श्रीनगर / नई दिल्ली: भारत की कूटनीति और जम्मू-कश्मीर की बदलती ज़मीनी हकीकत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी और आधिकारिक मान्यता मिली है। संयुक्त राज्य अमेरिका के शीर्ष राजनयिक और दूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने अपने हालिया कश्मीर दौरे के दौरान एक ऐसा बयान दिया है, जो वैश्विक मंचों पर भारत के रुख को और अधिक मज़बूती प्रदान करेगा। अमेरिकी दूत ने स्पष्ट शब्दों में जम्मू-कश्मीर को ‘भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा’ (important part of India) करार दिया है।

अपने इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान, राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) से उनके आधिकारिक आवास पर एक शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र में विकास, पर्यटन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली को लेकर सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई। अमेरिकी दूत ने घाटी में शांति स्थापित करने और सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए नई दिल्ली (केंद्र सरकार) और राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जमकर सराहना की।

इस दौरे का सबसे अहम और रणनीतिक पहलू यह रहा कि अमेरिकी राजदूत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिका की ‘ट्रैवल एडवाइज़री’ (Travel advisory) की पुनर्समीक्षा (re-evaluating) करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अमेरिका और कई पश्चिमी देशों ने लंबे समय से अपने नागरिकों को कश्मीर की यात्रा न करने की सलाह (एडवाइज़री) दे रखी है। अगर अमेरिका अपनी इस एडवाइज़री को हटाता है या इसमें ढील देता है, तो यह घाटी के पर्यटन उद्योग (Tourism industry) के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा।

दशकों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर को एक ‘विवादित क्षेत्र’ के रूप में पेश करने वाले पड़ोसी मुल्कों (विशेषकर पाकिस्तान) के लिए अमेरिकी दूत का यह बयान एक कड़े कूटनीतिक झटके के समान है। घाटी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हालिया चुनावों और अब विदेशी राजनयिकों के दौरों ने यह साबित कर दिया है कि कश्मीर अब आतंकवाद के साये से बाहर निकलकर विकास और मुख्यधारा की राजनीति की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।