‘यूपी को अपना दूसरा इंडस्ट्रियल होम बनाएं’, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी उद्योगों को दिया खास आमंत्रण

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ: उत्तर प्रदेश को भारत का ग्रोथ इंजन और 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक निवेशकों, विशेषकर जापानी उद्योगों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योगपतियों से स्पष्ट आह्वान किया है कि वे ‘यूपी को अपना दूसरा इंडस्ट्रियल होम (औद्योगिक घर) बनाएं’। यह बयान भारत और जापान के बीच मजबूत होते व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास है।

उत्तर प्रदेश में निवेश का बदलता माहौल:
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी औद्योगिक नीतियों में बड़े बदलाव किए हैं। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) की रैंकिंग में सुधार, बेहतर कानून व्यवस्था और सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम (निवेश मित्र) ने विदेशी कंपनियों के लिए राज्य को एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। मुख्यमंत्री का यह आमंत्रण इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार विदेशी निवेशकों को हर संभव बुनियादी ढांचा और सुरक्षा देने के लिए तैयार है।

जापानी कंपनियों के लिए यूपी में क्या हैं संभावनाएं?
जापान तकनीक, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश है। उत्तर प्रदेश में जापानी कंपनियों के लिए अपार संभावनाएं हैं।

  1. बेहतरीन कनेक्टिविटी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ जेवर में बन रहा एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लॉजिस्टिक्स के लिए बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करता है।
  2. बड़ा बाजार और मानव संसाधन: यूपी भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, जो कंपनियों को एक विशाल उपभोक्ता बाजार और बड़ी संख्या में कुशल और युवा कार्यबल (Workforce) उपलब्ध कराता है।
  3. एमएसएमई (MSME) का जाल: जापानी बड़ी कंपनियों को कलपुर्जे और रॉ मटेरियल के लिए यूपी के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का मजबूत नेटवर्क मिल सकता है।

पूर्व के निवेश और समझौते:
इससे पहले भी यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (UP GIS) में जापानी प्रतिनिधिमंडलों ने गहरी रुचि दिखाई थी। ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) क्षेत्र में कई विदेशी और जापानी कंपनियां पहले ही अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित कर रही हैं। जापानी निवेश से न केवल राज्य में एफडीआई (FDI) आएगा, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक का हस्तांतरण होगा और लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री का यह विजन स्पष्ट करता है कि यूपी अब केवल एक कृषि प्रधान राज्य नहीं रहना चाहता, बल्कि यह एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अगर जापानी उद्योग यूपी को अपना ‘दूसरा घर’ बनाते हैं, तो यह दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।