जल बोर्ड घोटाले में आप नेता सत्येंद्र जैन समेत 6 गिरफ्तार: पूर्व CEO पर 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: दिल्ली में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय भी शामिल हैं।
कौन-कौन हुआ गिरफ्तार?
सत्येंद्र जैन और उदित प्रकाश राय के अलावा, एसीबी ने जिन अन्य चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं— दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, ‘एएन एंटरप्राइजेज’ के मालिक नागेंद्र यादव, ‘यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ के मालिक राजा कुमार कुर्रा और ‘सृजनहर’ के प्रोपराइटर पंकज वर्मा। यह पूरा मामला 11 मई 2024 को दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय (Vigilance Directorate) की एक शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।
क्या है पूरा घोटाला?
यह कथित घोटाला दिल्ली के विभिन्न सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) के अपग्रेडेशन और विस्तार के लिए जारी किए गए लगभग 1,943 करोड़ रुपये के टेंडरों से जुड़ा है। एसीबी की जांच के अनुसार, टेंडर की तकनीकी शर्तों और नियमों में जानबूझकर हेराफेरी की गई ताकि एक विशेष कंपनी— ‘यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’— को अनुचित वित्तीय लाभ पहुँचाया जा सके। आरोप है कि टेंडर की प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के लिए कुछ अनिवार्य मानकों को हटा दिया गया और नियमों को ताक पर रखकर चहेती कंपनी को ठेके दिए गए, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का भारी नुकसान हुआ।
पूर्व CEO पर 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत का गंभीर आरोप
इस मामले में एसीबी ने एक बड़े ‘मनी ट्रेल’ (पैसे के लेन-देन) का भी पर्दाफाश किया है। आरोप है कि इस हेराफेरी और ठेका दिलाने के एवज में दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय को लगभग 1.52 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत दी गई। यह पैसा सीधे न देकर बिचौलिया कंपनियों (‘एएन एंटरप्राइजेज’ और ‘सृजनहर’) के माध्यम से बैंकिंग चैनलों के ज़रिए उनके और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस रिश्वत के पैसे का इस्तेमाल बाद में अचल संपत्तियां (Property) खरीदने के लिए किया गया।
सत्येंद्र जैन की कोर्ट में सफाई
राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान सत्येंद्र जैन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी सफाई में दलील दी कि एक मंत्री होने के नाते उनके पास किसी टेंडर से जुड़ी तकनीकी जानकारी नहीं होती है और विभाग का काम पूरी तरह से इंजीनियरों और अधिकारियों की सलाह पर निर्भर होता है। जैन ने यह भी स्पष्ट किया कि जब यह टेंडर जारी किया गया था, तब वे जेल में थे और मंत्री पद से हटाए जा चुके थे।
आप का पलटवार और राजनीतिक घमासान
इस गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की साजिश करार दिया है। पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने और आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए सत्येंद्र जैन को जानबूझकर इस फर्जी मामले में फंसाया जा रहा है।
गौरतलब है कि सत्येंद्र जैन पहले भी ईडी (ED) के एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग 18 महीने जेल में गुजारने के बाद अक्टूबर 2024 में जमानत पर रिहा हुए थे। करीब 22 महीने बाद हुई इस नई गिरफ्तारी ने उनकी और आम आदमी पार्टी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी हैं। फिलहाल एसीबी इस पूरे सिंडिकेट और वित्तीय लेन-देन की आगे की जांच में गहराई से जुटी है।