झारखंड परीक्षा अनियमितता मामला गहराया: CID ने गोड्डा के ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय तिवारी की पत्नी और भाई को किया गिरफ्तार

विवेक ओझा/ रांची: झारखंड में सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले लाखों युवाओं के सपनों के साथ हुए खिलवाड़ के मामले में जांच एजेंसियां लगातार अपनी गिरफ्त कस रही हैं। भर्ती परीक्षाओं में हुई व्यापक अनियमितताओं के एक बेहद गंभीर मामले में राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज़ करते हुए मुख्य आरोपियों के परिजनों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

सीआईडी (CID) ने इस बड़े परीक्षा घोटाले के सिलसिले में अभय तिवारी की पत्नी और उनके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि अभय तिवारी गोड्डा ज़िले के पोड़ैयाहाट (Poriyahat) में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (block supply officer) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। एक राजपत्रित अधिकारी के इस पूरे परीक्षा गिरोह (Nexus) से जुड़े होने के खुलासे ने राज्य के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं (alleged recruitment examination irregularities) को लेकर सीआईडी ने इससे पहले 22 जुलाई को अभय तिवारी को भी गिरफ्तार किया था। अब उनके परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी यह स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि इस घोटाले की जड़ें बहुत गहरी हैं और अवैध रूप से कमाए गए पैसे के लेन-देन या सबूतों को छिपाने में पूरे परिवार की कथित संलिप्तता रही होगी। अक्सर ऐसे संगठित अपराधों में मुख्य आरोपी अपने परिजनों के बैंक खातों या संपत्तियों का इस्तेमाल ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ के लिए करते हैं।

झारखंड के युवा इस मामले को लेकर लंबे समय से सड़कों पर हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार पर इस ‘परीक्षा माफिया’ को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने का भारी दबाव है। सीआईडी द्वारा की जा रही ये ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि जांच एजेंसी इस गिरोह के हर एक गुर्गे तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अब यह देखना अहम होगा कि इस अधिकारी और उसके परिवार से पूछताछ में और कितने सफेदपोश चेहरों से नकाब उठता है।