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डॉक्टरों के लिए ‘वन नेशन, वन लाइसेंस’: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) का ऐतिहासिक प्रस्ताव, अब देशभर में प्रैक्टिस करना होगा आसान

विवेक ओझा
नई दिल्ली

भारत के चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देश भर के डॉक्टरों के लिए ‘एकल लाइसेंस’ (single licence) प्रणाली का एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पेश किया है। इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद, किसी भी डॉक्टर को भारत के अलग-अलग राज्यों में प्रैक्टिस करने के लिए बार-बार नए सिरे से पंजीकरण कराने और अलग-अलग लाइसेंस लेने की झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

NMC के इस नए मसौदे (Draft) के अनुसार, चिकित्सा पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से केंद्रीकृत और डिजिटल किया जा रहा है। प्रक्रिया के तहत, एक बार जब कोई डॉक्टर किसी ‘स्टेट मेडिकल काउंसिल’ (State Medical Council) में अपना प्राथमिक पंजीकरण करा लेता है, तो ‘एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड’ (Ethics and Medical Registration Board) उसे एक विशिष्ट पहचान संख्या या ‘यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर’ (UID) आवंटित करेगा।

इस UID नंबर के मिल जाने के बाद, संबंधित डॉक्टर भारत के किसी भी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) में अपनी सेवाएं देने या प्रैक्टिस करने के लिए स्वतंत्र होगा। उसे किसी नए राज्य में जाने पर फिर से ‘फ्रेश रजिस्ट्रेशन’ (fresh registration) या अलग लाइसेंस (separate licence) की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम मुख्य रूप से डॉक्टरों के पंजीकरण और लाइसेंसिंग को नियंत्रित करने वाले 2023 के नियमों (2023 regulations) में संशोधन करने के लिए उठाया गया है।

चिकित्सा जगत के जानकारों और डॉक्टरों के संघों ने इस कदम का ज़ोरदार स्वागत किया है। वर्तमान व्यवस्था में, यदि कोई डॉक्टर दिल्ली में पंजीकृत है और वह महाराष्ट्र या कर्नाटक में अपनी सेवाएं देना चाहता है, तो उसे वहां की स्टेट मेडिकल काउंसिल के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिसमें भारी कागज़ी कार्रवाई और समय की बर्बादी होती है।

यह ‘सिंगल लाइसेंस’ प्रणाली न केवल डॉक्टरों को पेशेवर गतिशीलता (professional mobility) प्रदान करेगी, बल्कि इससे देश भर में डॉक्टरों का एक सटीक और पारदर्शी ‘नेशनल मेडिकल रजिस्टर’ (National Medical Register) भी तैयार हो सकेगा। सरकार के इस कदम से दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने में भी काफी मदद मिलेगी।