मिलावटी ‘एनालॉग पनीर’ का भंडाफोड़: महाराष्ट्र FDA का बड़ा एक्शन, मुंबई के प्रतिष्ठित ‘ऑटर्स क्लब’ सहित कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

अभिषेक सिंह
मुंबई
खान-पान की शुद्धता और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई की गाज मुंबई के बेहद पॉश और प्रतिष्ठित ‘ऑटर्स क्लब’ (Otters Club) पर भी गिरी है। एफडीए ने ऑटर्स क्लब का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspends license) कर दिया है, क्योंकि वहां की रसोई में दूध से बने असली पनीर की जगह ‘एनालॉग पनीर’ (analogue paneer) यानी मिलावटी और सिंथेटिक पनीर का इस्तेमाल किया जा रहा था।
एनालॉग पनीर एक प्रकार का कृत्रिम उत्पाद होता है, जिसे असली डेयरी फैट (दूध की चर्बी) के बजाय सस्ते वनस्पति तेलों (Vegetable oils) और अन्य रसायनों को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसे असली पनीर बताकर ग्राहकों को परोसना खाद्य सुरक्षा नियमों का घोर उल्लंघन और उपभोक्ताओं के साथ सीधा धोखा है। ऑटर्स क्लब जैसे हाई-प्रोफाइल प्रतिष्ठान में ऐसी मिलावट का पकड़ा जाना प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
यह निलंबन कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र एफडीए द्वारा चलाए गए एक व्यापक राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान (statewide enforcement drive) का हिस्सा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह सघन अभियान 14 जुलाई 2026 से 17 अगस्त 2026 के बीच पूरे महाराष्ट्र में चलाया गया।
इस एक महीने के लंबे अभियान के दौरान, एफडीए की टीमों ने राज्य भर के कई अन्य भोजनालयों, होटलों और क्लबों का औचक निरीक्षण किया। इन निरीक्षणों (inspections) में केवल मिलावटी पनीर ही नहीं, बल्कि साफ-सफाई (hygiene), खाद्य पदार्थों के भंडारण (storage), कीट-नियंत्रण (pest-control) और अन्य खाद्य सुरक्षा नियमों (food-safety violations) की व्यापक अनदेखी पाई गई।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनस्वास्थ्य के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उन्हें तब तक दोबारा खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक वे सभी खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से लागू नहीं कर लेते। एफडीए की इस कार्रवाई ने राज्य के रेस्टोरेंट और होटल उद्योग में हड़कंप मचा दिया है।