भाजपा संगठन में बड़ा फेरबदल: अमित मालवीय की हुई छुट्टी, सोशल मीडिया की कमान दीपक म्हस्के को; स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी

राघवेन्द्र प्रताप सिंह
नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने केंद्रीय संगठन और चुनावी रणनीतिक ढांचे में व्यापक बदलाव करते हुए एक नई और आक्रामक टीम की घोषणा की है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित इस नई टीम में जहां कई अनुभवी और कद्दावर नेताओं की वापसी हुई है, वहीं पार्टी के सबसे महत्वपूर्ण मोर्चे—’सोशल मीडिया और आईटी सेल’—में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फेरबदल देखने को मिला है।
पार्टी के सबसे बड़े ‘सिग्नलिंग’ (signalling) बदलाव के तहत, लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय आईटी सेल के प्रमुख रहे अमित मालवीय को उनके पद से हटा दिया गया है। मालवीय का कार्यकाल कई राजनीतिक सफलताओं और उतने ही तीखे विवादों से भरा रहा था। उनके स्थान पर अब छत्तीसगढ़ के एक शांत लेकिन रणनीतिक रूप से कुशल नेता दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक (National Social Media Convener) की अहम ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव दर्शाता है कि भाजपा अब अपने डिजिटल विमर्श (Digital Narrative) में एक नया दृष्टिकोण और शायद अधिक सधी हुई शैली अपनाना चाहती है।
संगठनात्मक नियुक्तियों में दूसरा बड़ा आकर्षण कद्दावर नेताओं की ‘वापसी’ (comeback) है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और पार्टी के पूर्व प्रभावशाली महासचिव राम माधव को फिर से मुख्यधारा के संगठन में शामिल किया गया है। स्मृति ईरानी, जो हालिया लोकसभा चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा पाई थीं, को संगठन में लाकर पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके राजनीतिक अनुभव और वक्तृत्व कला का उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर जारी रहेगा। वहीं, वैचारिक रूप से बेहद मजबूत राम माधव की वापसी से पार्टी के नीतिगत फैसलों और वैचारिक विस्तार को नई ऊर्जा मिलेगी।
नितिन नवीन की इस नई टीम को आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और विपक्ष के बढ़ते ‘नैरेटिव वॉर’ से निपटने के लिए तैयार किया गया है। अमित मालवीय को हटाकर दीपक म्हस्के पर दांव लगाना इस बात का संकेत है कि पार्टी अब आक्रामकता के साथ-साथ ज़मीनी कनेक्टिविटी वाले डिजिटल प्रचार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कुल मिलाकर, यह फेरबदल भाजपा के भीतर एक नए वैचारिक और रणनीतिक युग की शुरुआत का परिचायक है।