यूपी में आरक्षण सुधार आंदोलन: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की प्रदर्शनकारियों से मुलाकात, केंद्रीय मंत्रियों से बातचीत का दिया भरोसा

विवेक ओझा
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में चल रहे ‘आरक्षण सुधार आंदोलन’ (reservation reform movement) को लेकर राज्य सरकार राजनीतिक रूप से बेहद सतर्क हो गई है। प्रदर्शनकारियों के बढ़ते आक्रोश को शांत करने और बीच का रास्ता निकालने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (U.P. Deputy CM Brajesh Pathak) ने आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से अहम मुलाकात की है।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और इस संबंध में समाधान निकालने के लिए केंद्रीय मंत्रियों (Union Ministers) के साथ उनका संवाद (dialogue) स्थापित कराया जाएगा।
हालांकि, सरकार की इस कूटनीतिक पहल के बावजूद आंदोलनकारियों के बीच एक राय नहीं बन पाई है। आरक्षण सुधार आंदोलन के कुछ अन्य प्रमुख सदस्यों (key members) ने खुद को इस मुलाकात से पूरी तरह अलग (distanced themselves) कर लिया है। इन असंतुष्ट नेताओं का मानना है कि ऐसी मुलाकातों का उद्देश्य केवल आंदोलन की धार को कुंद करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन अभी भी पूरी मज़बूती के साथ जारी है (movement is very much on)। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक सरकार सीधे तौर पर उनके असली प्रतिनिधियों से बात नहीं करती (until the government speak to representatives directly) और उनकी मांगों का कोई ठोस लिखित समाधान नहीं निकालती, तब तक यह विरोध प्रदर्शन अनवरत चलता रहेगा। यह स्थिति भाजपा सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि आरक्षण का मुद्दा राज्य के एक बड़े वोट बैंक को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।