अमरावती के सरकारी अस्पताल में भीषण त्रासदी: NICU में आग लगने से तीन नवजातों की दर्दनाक मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप

अभिषेक सिंह
अमरावती / मुंबई
महाराष्ट्र के अमरावती ज़िले से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सरकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महाराष्ट्र के अमरावती में स्थित एक सरकारी अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में आग लगने से तीन नवजातों की दर्दनाक मौत हो गई है। यह घटना उन परिवारों के लिए एक ऐसा वज्रपात है, जिनके बच्चे कुछ दिन पहले ही इस दुनिया में आए थे।
इस भीषण अग्निकांड का कारण तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ज़िला महिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित NICU में रात करीब 3:15 बजे एक वेंटिलेटर में अचानक चिंगारी उठी, जिसके कारण यूनिट में भीषण आग लग गई। रात के सन्नाटे में जब आग फैली, तो वार्ड में धुएं का गुबार भर गया, जिससे बचाव कार्य में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अस्पताल के स्टाफ और दमकल विभाग की मुस्तैदी से कुछ बच्चों को बचा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस खौफनाक घटना के बाद छह अन्य शिशुओं को तत्काल एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन शिशुओं की हालत पर डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार नज़र बनाए हुए है।
अस्पतालों के अति-संवेदनशील वार्डों जैसे कि NICU या ICU में इस तरह के हादसे पहली बार नहीं हुए हैं। वेंटिलेटर और अन्य भारी जीवनरक्षक उपकरणों के कारण यहां बिजली का लोड काफी अधिक होता है। ऐसे में ‘फायर सेफ्टी ऑडिट’ में लापरवाही और पुराने वायरिंग सिस्टम अक्सर ऐसी त्रासदियों का कारण बनते हैं। प्रशासन ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह महज़ एक हादसा था या इसके पीछे किसी प्रकार की घोर प्रशासनिक लापरवाही ज़िम्मेदार है।