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देशव्यापी साइबर फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ सिंडिकेट पर ED का प्रहार: मुंबई से दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग की हो रही जांच

अभिषेक सिंह
मुंबई / नई दिल्ली

भारत में तेज़ी से फैल रहे साइबर अपराधों और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी गंभीर धोखाधड़ी पर लगाम कसने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। पूरे देश में फैले इस साइबर धोखाधड़ी (pan-India cyber fraud) नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत ईडी ने दो अहम आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान फहीम मोइन हुसैन सैयद (Fahim Moin Hussain Sayed) और नईम मोईन सैयद (Naim Mueen Sayyed) के रूप में हुई है। इन दोनों आरोपियों को 23 अगस्त 2026 को मुंबई से हिरासत में (taken into custody) लिया गया है।

यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय द्वारा एक कथित अखिल भारतीय साइबर धोखाधड़ी और ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ (digital arrests) मामले से जुड़ी धन शोधन (money laundering) जांच के तहत की गई है। गौरतलब है कि हाल के समय में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामले बहुत तेज़ी से बढ़े हैं, जहाँ साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या कस्टम अधिकारी बताकर आम नागरिकों को वीडियो कॉल पर डरा-धमका कर उनसे भारी रकम ऐंठ लेते हैं।

ईडी का इस मामले में हस्तक्षेप करना यह स्पष्ट करता है कि इन साइबर ठगों द्वारा आम जनता से लूटे गए करोड़ों रुपये को हवाला या क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए सफेद (Money Laundering) करने का एक बड़ा संगठित रैकेट चलाया जा रहा था। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी इस पूरे सिंडिकेट के ‘मास्टरमाइंड्स’ और इनके विदेशी कनेक्शन को खंगालने में जुट गई है।