तमिलनाडु: सीएम विजय का बड़ा लोकलुभावन दांव, अगले पोंगल से हर साल 3 LPG सिलेंडरों का पैसा महिलाओं के खाते में वापस करेगी सरकार

अभिषेक सिंह
चेन्नई
तमिलनाडु की राजनीति में जन-कल्याणकारी योजनाओं की एक नई लहर देखने को मिल रही है। बढ़ती महंगाई और रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों से आम जनता को राहत देने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) ने विधानसभा में एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि राज्य सरकार अगले ‘पोंगल’ (Next Pongal) पर्व से हर साल लाभार्थियों को तीन एलपीजी (LPG) सिलेंडरों का पैसा वापस (Reimburse) करेगी।
विधानसभा सत्र के दौरान इस महत्वाकांक्षी योजना का खाका पेश करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडरों की यह सब्सिडी या रीइंबर्समेंट किसी बिचौलिए के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लाभार्थियों के बैंक खातों (credited to the bank accounts) में ट्रांसफर की जाएगी। पोंगल का त्योहार तमिलनाडु में नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, इसलिए सरकार ने इस योजना को ज़मीन पर उतारने के लिए इसी पावन अवसर को चुना है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस योजना से राज्य के लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों, विशेषकर गृहिणियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। हर साल तीन मुफ्त सिलेंडरों के बराबर की नकद वापसी से घरेलू बजट को संभालने में बड़ी मदद मिलेगी। हालांकि, विपक्षी दलों का तर्क है कि इससे राज्य के राजकोष (State Exchequer) पर हज़ारों करोड़ों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का यह फैसला राजनीतिक रूप से एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में मुफ्त योजनाओं (Freebies) का हमेशा से एक बड़ा प्रभाव रहा है। महिलाओं के वोट बैंक को साधने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया यह कदम आगामी स्थानीय और विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी पार्टी के लिए एक मजबूत ज़मीनी आधार तैयार करेगा। प्रशासनिक स्तर पर अब इस बात की तैयारी शुरू हो गई है कि लाभार्थियों की पहचान कैसे की जाएगी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की प्रक्रिया को कैसे त्रुटिहीन बनाया जाए।