‘मनुस्मृति’ और महिला अधिकारों पर छिड़ा सियासी महासंग्राम: राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता’ वाले बयान पर भड़की BJP, हिमंत और निशिकांत ने किया पलटवार

अभिषेक सिंह
नई दिल्ली / पुणे
महिला सशक्तिकरण, पितृसत्ता और प्राचीन ग्रंथों को लेकर भारतीय राजनीति में एक बार फिर तीखा वैचारिक महासंग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा हाल ही में महिलाओं के अधिकारों और ‘मनुस्मृति’ (Manusmriti) को लेकर की गई एक टिप्पणी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पूरी तरह से भड़का दिया है। दोनों ही राष्ट्रीय दलों के बीच अब ‘महिला सम्मान’ के मुद्दे पर एक खुली ज़ुबानी जंग चल रही है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में छात्राओं से बातचीत करते हुए ‘मनुस्मृति मानसिकता’ (Manusmriti mindset) के खिलाफ कड़ा प्रहार किया। उन्होंने छात्राओं से मुखर होकर ‘पितृसत्ता को तोड़ने’ (smash patriarchy) का आह्वान किया और कहा कि “महिलाएं स्वयं अपनी मालकिन हैं, वे अपने पिता, पति या बेटों की संपत्ति नहीं हैं।” राहुल का यह बयान सीधे तौर पर उन रूढ़िवादी सामाजिक ढांचों पर हमला था, जो महिलाओं की स्वतंत्रता को सीमित करते हैं।
कांग्रेस नेता के इस बयान पर पलटवार करने में भाजपा ने ज़रा भी देर नहीं लगाई। भाजपा के मुखर सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने ‘मनुस्मृति’ के दो श्लोकों का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर हिंदू ग्रंथों को बदनाम करने का आरोप लगाया। दुबे ने तर्क दिया कि इन ग्रंथों में महिलाओं के प्रति असीम सम्मान (respect for women) पर ज़ोर दिया गया है, और राहुल गांधी केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए ग्रंथों की गलत व्याख्या कर रहे हैं।
इस वैचारिक हमले को और तेज़ करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) भी मैदान में उतर आए। उन्होंने राहुल गांधी पर महिलाओं के मुद्दों का ‘राजनीतिकरण’ करने और अपनी सुविधा के अनुसार बयानबाज़ी करने का गंभीर आरोप लगाया। यह पूरा विवाद इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आगामी विधानसभा चुनावों में ‘महिला वोट बैंक’ को साधने के लिए दोनों ही पार्टियां सांस्कृतिक और सामाजिक विमर्श (Social Narrative) का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं। जहां कांग्रेस खुद को आधुनिक और प्रगतिशील मूल्यों के रक्षक के रूप में पेश कर रही है, वहीं भाजपा प्राचीन भारतीय ग्रंथों के सम्मान और उसकी सही व्याख्या की पैरोकारी कर रही है।