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‘अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट करें’: गृह मंत्री अमित शाह का पुलिस प्रमुखों को कड़ा निर्देश, सुरक्षा के लिए AI के इस्तेमाल पर ज़ोर

राघवेन्द्र प्रताप सिंह
नई दिल्ली

देश की आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलावों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, केंद्र सरकार ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने देश भर के पुलिस प्रमुखों और सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं कि वे देश में रह रहे ‘अवैध प्रवासियों’ (illegal migrants) की तत्काल पहचान (Detect) करें और उन्हें वापस उनके देश भेजने (deport) की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

गृह मंत्री ने ये अहम निर्देश नई दिल्ली में 24 अगस्त 2026 को आयोजित दो दिवसीय ‘9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (NSS) सम्मेलन-2026’ (9th National Security Strategies Conference-2026) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए दिए। इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में देश के सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक (DGP), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि अवैध प्रवास केवल एक प्रशासनिक समस्या नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों की पुलिस को घुसपैठ के नेटवर्क को ध्वस्त करने और स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से बसे प्रवासियों की पहचान करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।

सुरक्षा तंत्र को आधुनिक और अचूक बनाने के लिए गृह मंत्री ने पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने शीर्ष अधिकारियों से कहा कि विभिन्न राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों (national security challenges) से निपटने के लिए जानकारी और डेटा का ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विश्लेषण’ (AI-based analysis of information) किया जाना चाहिए। एआई (AI) के इस्तेमाल से संदिग्ध गतिविधियों का पैटर्न समझने और ‘मानक संचालन प्रक्रिया’ (standard operating procedures – SOPs) विकसित करने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।

यह सम्मेलन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मोदी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर अब ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति को और अधिक आक्रामकता के साथ लागू करने जा रही है। एआई (AI) और डेटा एनालिटिक्स जैसी 21वीं सदी की तकनीकों को पुलिस के बुनियादी ढांचे में शामिल करने से न केवल अवैध प्रवासियों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि आतंकवाद, नार्को-टेररिज्म और साइबर अपराधों पर भी प्रभावी लगाम कसी जा सकेगी।