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पाकिस्तान के परमाणु भंडारण सुविधा पर हमले को लेकर पूर्व CDS अनिल चौहान ने दिया स्पष्टीकरण; भारत-चीन सीमा पर चर्चा

सरिता त्रिपाठी
नई दिल्ली

देश की रक्षा और कूटनीतिक हलकों में आज कई अहम घटनाक्रम चर्चा का विषय बने हुए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद संवेदनशील खबर के रूप में, पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान की परमाणु भंडारण सुविधा पर हमले के संदर्भ में स्पष्टीकरण दिया है।

पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान की यह टिप्पणी हाल ही में सामने आई है। सैन्य हलकों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, इस स्पष्टीकरण में इस बात का ज़िक्र है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के दौरान शायद इस पर हमला किया गया हो। परमाणु प्रतिष्ठानों से जुड़ी कोई भी जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी भू-राजनीतिक संवेदनशीलता रखती है, इसलिए एक पूर्व शीर्ष सैन्य अधिकारी का यह स्पष्टीकरण रणनीतिक विश्लेषकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, कूटनीतिक मोर्चे पर एक और बड़ा घटनाक्रम भारत और उसके सबसे बड़े पड़ोसी देश को लेकर है। मॉर्निंग डाइजेस्ट की खबरों के अनुसार, भारत और चीन सीमा परिसीमन को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

लंबे समय से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चल रहे सैन्य गतिरोध के बाद, सीमा परिसीमन की दिशा में कोई भी प्रगति दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच संबंधों को सामान्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जाएगी। ये दोनों ही खबरें दर्शाती हैं कि भारत वर्तमान में अपने दोनों प्रमुख पड़ोसियों (पाकिस्तान और चीन) के साथ एक बेहद जटिल और नाजुक सामरिक माहौल से गुज़र रहा है।