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भ्रामक दावों पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई का असर: बॉर्नविटा (Bournvita) निर्माता कंपनी ने वापस लिए स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े दावे

अभिषेक सिंह
नई दिल्ली

भारत में डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों और स्वास्थ्य पेय (Health Drinks) के बाज़ार में भ्रामक विज्ञापनों पर लगाम कसने के लिए नियामक एजेंसियां अब बेहद सख्त हो गई हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की बढ़ती सख्ती के बाद, लोकप्रिय पेय पदार्थ ‘बॉर्नविटा’ (Bournvita) बनाने वाली कंपनी ने एक बड़ा कदम उठाया है। बॉर्नविटा और कैडबरी (Cadbury) उत्पादों की निर्माता कंपनी ‘मोंडेलेज़ इंडिया फूड्स’ (Mondelez India Foods) ने एफएसएसएआई (FSSAI) द्वारा चिह्नित किए गए अपने स्वास्थ्य और पोषक तत्वों की तुलना वाले दावों को वापस ले लिया है।

इस पूरे विवाद की जड़ें पिछले साल से जुड़ी हुई हैं। वर्ष 2023 में बॉर्नविटा के चीनी (sugar) की मात्रा और इसके द्वारा किए जाने वाले पोषण संबंधी दावों (nutritional claims) को लेकर भारी जांच और विवाद (scrutiny) शुरू हुआ था। विशेष रूप से बच्चों को लक्षित करके की जा रही इसकी मार्केटिंग (marketing to children) जांच के घेरे में आ गई थी। एक वायरल वीडियो के बाद यह बहस राष्ट्रीय स्तर पर छिड़ गई थी कि क्या जिन्हें ‘हेल्थ ड्रिंक’ कहकर बेचा जा रहा है, वे वास्तव में बच्चों के लिए उतने ही स्वास्थ्यवर्धक हैं?

कंपनियां अक्सर अपने उत्पादों को बाज़ार में बेहतर साबित करने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर दावे करती हैं। लेकिन FSSAI की इस चेतावनी और कंपनी द्वारा दावों को वापस लिए जाने की घटना ने ‘फूड एंड बेवरेज’ (F&B) इंडस्ट्री को एक कड़ा संदेश दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को यह जानने का पूरा अधिकार है कि वे अपने बच्चों को जो उत्पाद दे रहे हैं, उसकी वास्तविक पोषण संरचना क्या है। यह कदम देश में पारदर्शी और ईमानदार मार्केटिंग की दिशा में एक बहुत बड़ी जीत है।