चढ़ावा चोरी के बाद अयोध्या राम मंदिर में बड़ा फेरबदल, 50 लाइजनिंग अफसरों पर गिरेगी गाज; VIP दर्शन व्यवस्था में बदलाव

अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बदलाव का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में अब मंदिर में वीआईपी दर्शन और सरकारी विभागों के अतिथियों की व्यवस्था संभालने वाले लाइजनिंग अफसरों को भी हटाने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, दो साल से अधिक समय से तैनात लाइजनिंग अफसरों को व्यवस्था से बाहर किया जा सकता है।विभिन्न विभागों ने तैनात कर रखे हैं लाइजनिंग अफसरश्रीरामजन्मभूमि मंदिर में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था के लिए रेलवे, तहसील, लोक निर्माण विभाग (PWD), उद्यान, परिवहन और पुलिस समेत कई सरकारी विभागों ने अपने-अपने लाइजनिंग अफसर तैनात कर रखे हैं।जानकारी के अनुसार, मंदिर में विभिन्न विभागों के 100 से अधिक लाइजनिंग अफसर तैनात हैं। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी संबंधित विभागों से आने वाले अतिथियों को मंदिर में दर्शन कराने की व्यवस्था देखना है।मंदिर के प्रवेश द्वार पर लाइजनिंग अफसरों की सूची उपलब्ध रहती है। उनके अतिथियों के पास की जांच और पहचान के बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जाती है।पुलिस विभाग के सबसे ज्यादा लाइजनिंग अफसरबताया जा रहा है कि विभिन्न विभागों में पुलिस विभाग के लाइजनिंग अफसरों की संख्या सबसे अधिक है। अब दो वर्ष से ज्यादा समय से मंदिर में तैनात अधिकारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने की चर्चा है।सूत्रों के अनुसार, पुलिस विभाग ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर रहा है। इस क्रम में एक दारोगा को मंदिर की ड्यूटी से हटाया भी जा चुका है। बताया जा रहा है कि करीब 50 कर्मचारियों और अधिकारियों को जल्द ही इस व्यवस्था से बाहर किया जा सकता है।ट्रस्ट के अधिकारियों से हो रही बातचीतलाइजनिंग अफसरों को हटाने के संबंध में संबंधित सरकारी विभागों के अधिकारी ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।कई कर्मचारियों का भी किया गया तबादलाइससे पहले श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों के कार्यस्थल में बदलाव किया था। चार कर्मचारियों को मंदिर परिसर से हटाकर तीर्थ क्षेत्रपुरम भेजा गया। वहीं, एक कर्मचारी ने अपना इस्तीफा दे दिया।इसके अलावा एक अन्य कर्मचारी ने कम मानदेय मिलने का हवाला देते हुए नौकरी छोड़ दी। ट्रस्ट में लगातार हो रहे इन बदलावों को चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद व्यवस्था में सुधार और प्रशासनिक फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन से इस मामले में उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में उनकी ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।