Trending

कोबरा पोस्ट की पड़ताल से सवालों में कमला पसंद ग्रुप और यूपी के एमएलसी

लखनऊ। कोबरा पोस्ट की एक पड़ताल में उत्तर प्रदेश के एमएलसी वागीश पाठक से जुड़ी कारोबारी संस्थाओं, संपत्तियों और कमला पसंद ग्रुप के कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाठक करीब 18-19 कॉरपोरेट संस्थाओं में निदेशक रहे हैं, लेकिन 2022 के चुनाव के दौरान दाखिल अपने शपथपत्र में उन्होंने इनमें से किसी भी संस्था का खुलासा नहीं किया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इनमें से छह संस्थाओं का संबंध कमला पसंद ग्रुप से है।कोबरा पोस्ट के अनुसार, वागीश पाठक केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। पड़ताल में दावा किया गया है कि सेवानिवृत्ति के बाद वह पान मसाला, गुटखा, तंबाकू और अन्य उद्योगों से जुड़ी कई कंपनियों से बतौर रिटेनर फीस लेते रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मामलों में उन्हें एक ही संस्था से सालाना 20 से 32 लाख रुपये तक की रिटेनर फीस मिली।रिपोर्ट में पाठक और उनकी पत्नी सोनाली द्वारा वर्ष 2005 से 2013 के बीच खरीदी गई करीब 2.56 करोड़ रुपये की संपत्तियों का मूल्य चुनावी हलफनामे में कथित तौर पर कम दिखाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इनमें जेवर में स्थित 12.39 एकड़ और 11.62 एकड़ जमीन के दो बड़े भूखंड तथा गुरुग्राम की प्राइम रियल एस्टेट संपत्तियां शामिल होने का दावा किया गया है।कोबरा पोस्ट की पड़ताल के मुताबिक, इन संपत्तियों की खरीद कीमत भी कथित तौर पर कम दर्शाई गई। रिपोर्ट में यह सवाल भी उठाया गया है कि जेवर में पाठक और उनकी पत्नी के बताए गए दोनों बड़े भूखंडों से सटे लगभग समान आकार के चार भूखंड कमला पसंद ग्रुप से जुड़े चौरसिया परिवार के स्वामित्व में हैं।पड़ताल में इन संपत्तियों, कारोबारी संस्थाओं और कमला पसंद ग्रुप के बीच कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के लिए उपलब्ध सामग्री के आधार पर नहीं हो सकी है। साथ ही, वागीश पाठक और कमला पसंद ग्रुप का पक्ष भी उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।