अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट: देरी के चलते दोगुना हुआ बजट, अब 2 लाख करोड़ तक पहुंचा खर्च; जानें कब दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन

नई दिल्ली ( राघवेंद्र प्रताप सिंह) : भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना यानी ‘अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट’ (MAMHSR) को लेकर एक बड़ा वित्तीय अपडेट सामने आया है। विभिन्न कारणों से परियोजना के क्रियान्वयन में हुई देरी के चलते इसका कुल बजट शुरुआती अनुमान से लगभग दोगुना हो गया है। कभी 1.08 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू हुआ यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छूने की कगार पर पहुंच गया है। हालांकि, वित्तीय चुनौतियों के बावजूद गुजरात और महाराष्ट्र दोनों राज्यों में निर्माण कार्य अब पूरी गति से आगे बढ़ रहा है।

लागत दोगुनी होने के पीछे क्या हैं प्रमुख कारण ?

परियोजना की लागत में इस भारी उछाल के पीछे कई प्रशासनिक, तकनीकी और आर्थिक कारण जिम्मेदार रहे हैं:

  • जमीन अधिग्रहण में देरी: प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण को लेकर लंबा गतिरोध बना रहा। जमीन मिलने में हुई कई वर्षों की देरी ने सीधे तौर पर परियोजना की टाइमलाइन को आगे खिसका दिया।
  • निर्माण सामग्री की कीमतों में उछाल: देरी के कारण स्टील, सीमेंट और विशेष तकनीकी उपकरणों की कीमतों में वैश्विक स्तर पर भारी मुद्रास्फीति (Inflation) दर्ज की गई।
  • अंडर-सी टनल की जटिलता: मुंबई में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स से शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 7 किलोमीटर का हिस्सा समुद्र के नीचे से गुजरता है। इस तरह के जटिल और अत्याधुनिक इंजीनियरिंग कार्यों के कारण भी लागत में इजाफा हुआ है। अब कब तक शुरू होगी देश की पहली बुलेट ट्रेन ?

परियोजना को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना बनाई गई है:

पहला ट्रायल रन और आंशिक शुरुआत: नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार, गुजरात में सूरत से बिलिमोरा के बीच 50 किलोमीटर लंबे खंड को सबसे पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगस्त 2027 तक गुजरात के प्रमुख हिस्सों में वाणिज्यिक संचालन की तैयारी है।

  • पूरे कॉरिडोर का संचालन: मुंबई से अहमदाबाद के पूरे 508 किलोमीटर लंबे रूट को पूरी तरह से चालू होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। उम्मीद है कि 2028-29 तक पूरा रूट आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। परियोजना की प्रमुख विशेषताएं :

508 किलोमीटर का रूट: यह कॉरिडोर महाराष्ट्र (156 किमी), गुजरात (384 किमी) और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली (4 किमी) से होकर गुजरेगा।

कुल 12 स्टेशन: इस रूट पर कुल 12 अत्याधुनिक स्टेशन बनाए जा रहे हैं— जिनमें गुजरात में 8 (वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद, साबरमती) और महाराष्ट्र में 4 (मुंबई बीकेसी, ठाणे, विरार, बोइसर) स्टेशन शामिल हैं।

समय की भारी बचत: 320 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलने वाली यह बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच की यात्रा का समय 6-7 घंटे से घटाकर मात्र 2 से 2.5 घंटे कर देगी।

अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भले ही लागत और समय की चुनौतियों से जूझा हो, लेकिन यह देश के परिवहन और बुनियादी ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है। जापान की उन्नत ‘शिंकानसेन’ तकनीक पर आधारित यह कॉरिडोर न केवल दोनों औद्योगिक राज्यों के बीच व्यापारिक गति को तेज करेगा, बल्कि भारत को भविष्य के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की वैश्विक कतार में भी मजबूती से खड़ा करेगा।