इस्लामाबाद के अस्पताल में रूह कंपा देने वाला हादसा: AC कंप्रेसर फटने से लगी भीषण आग, 15 नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत

इस्लामाबाद/पाकिस्तान: ( राघवेंद्र प्रताप सिंह ) पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहां के एक प्रमुख अस्पताल में आग लगने की एक भीषण घटना में 15 नवजात शिशुओं की जान चली गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह जानलेवा हादसा अस्पताल के मैटरनिटी या नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में लगे एयर कंडीशनर (AC) के कंप्रेसर के फटने के कारण हुआ। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
PIMS अस्पताल में हुआ यह हृदयविदारक हादसा
खबरों और URL विवरण के अनुसार, यह भयानक घटना इस्लामाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक— पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) में हुई है। घटना के समय वार्ड में कई नवजात बच्चे मौजूद थे, जिनमें से ज्यादातर इनक्यूबेटर और क्रिटिकल केयर सपोर्ट पर रखे गए थे। तभी अचानक वार्ड में लगे एक एसी के कंप्रेसर में जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला और चंद मिनटों के भीतर पूरे वार्ड में आग की तेज लपटें और जहरीला काला धुआं भर गया।
चीख-पुकार और अफरातफरी का मंजर
धमाके और आग की लपटों को देखकर पूरे अस्पताल परिसर में भारी अफरातफरी मच गई। अपनी और अपने मरीजों की जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। नवजात शिशु जो खुद से हिल भी नहीं सकते थे, वे सीधे तौर पर इस आग और दमघोंटू धुएं की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही अस्पताल का स्टाफ और दमकल विभाग (Fire Brigade) की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने शीशे तोड़कर धुएं को बाहर निकालने की कोशिश की और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
दम घुटने और झुलसने से मासूमों ने तोड़ा दम
रेस्क्यू टीम ने कई बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया, लेकिन दुर्भाग्यवश, तब तक 15 मासूम बच्चों की दम घुटने और बुरी तरह से झुलसने के कारण दर्दनाक मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद अस्पताल में अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन माताओं ने कुछ ही घंटों या दिनों पहले अपने बच्चों को जन्म दिया था, उनकी गोद पल भर में सूनी हो गई। पूरे अस्पताल में मातम का माहौल है।
सुरक्षा मानकों और लापरवाही पर उठे बड़े सवाल
इस हृदयविदारक घटना ने अस्पताल प्रशासन की भारी लापरवाही और फायर सेफ्टी (Fire Safety) सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। इस हादसे के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
इतने बड़े और संवेदनशील नवजात वार्ड में आग बुझाने के पुख्ता और स्वचालित (Automatic) इंतजाम क्यों नहीं थे?
अस्पताल में लगे एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की समय पर सर्विसिंग और मेंटेनेंस (Maintenance) क्यों नहीं की जा रही थी?
क्या धुएं की निकासी के लिए वार्ड में उचित वेंटिलेशन सिस्टम मौजूद था?
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
हादसे की गंभीरता और लोगों के भारी आक्रोश को देखते हुए प्रशासन और सरकार की तरफ से तुरंत उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में तकनीकी खामियों और मानवीय लापरवाही दोनों पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
अस्पतालों में इस तरह आग लगने की घटनाएं किसी भी व्यवस्था के लिए एक बड़ा कलंक हैं। यह हादसा इस बात की सख्त चेतावनी है कि स्वास्थ्य केंद्रों, विशेषकर शिशु वार्डों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न दोहराई जाए।