पडिक्कल का औसत 30 से पहुंचा 69.66, श्रीलंका सीरीज के बाद इन बल्लेबाजों को भी हुआ फायदा
कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने के साथ भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज खत्म हो गई है। दो मैच की इस सीरीज को टीम इंडिया ने 1-0 से अपने नाम किया। भारत के पास दूसरा टेस्ट भी जीतने का मौका था, मगर सोनल दिनुशा की शानदार शतकीय पारी ने भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भारतीय बल्लेबाजों ने इस सीरीज के दौरान दमदार प्रदर्शन किया।
देवदत्त पडिक्कल 328 रनों के साथ इस सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने तीन पारियों में दो बार शतक जड़ा। पडिक्कल की बैटिंग औसत में जबरदस्त इजाफा हुआ है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले देवदत्त पडिक्कल का बैटिंग औसत 30 का था। इस सीरीज में उन्होंने 109.33 की औसत के साथ 328 रन बनाए। श्रीलंका सीरीज के बाद उनका औसत बढ़कर 69.66 का हो गया है। इस सीरीज में उन्हें ही सबसे ज्यादा फायदा हुआ है।
पडिक्कल के अलावा ध्रुव जुरेल, जिन्होंने कोलंबो टेस्ट में शतक जड़ा था, उन्हें, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और ऋषभ पंत को भी फायदा मिला है। जुरेल का श्रीलंका दौरे से पहले बैटिंग औसत 34.14 का था। उन्होंने इस सीरीज में 86.50 की औसत के साथ 173 रन बनाए। वह सीरीज में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। श्रीलंका सीरीज के बाद उनका बैटिंग औसत 40.68 का हो गया है।

ऋषभ पंत का बैटिंग औसत 43.37 से बढ़कर 43.82 हो गया है, जबकि रवींद्र जडेजा का 38.27 से 37.81 और केएल राहुल का 36.42 से बढ़कर 36.64 का हो गया है। यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल का बल्ला श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में उस अंदाज में नहीं चला जिसकी उम्मीद की जा रही थी। जायसवाल ने 3 पारियों में 77 तो गिल ने 74 रन बनाए। इस खराब परफॉर्मेंस की वजह से उनके बैटिंग औसत में गिरावट देखने को मिली है।
यशस्वी का बैटिंग औसत 48.75 से घटकर 47.49 का रह गया है, जबकि कप्तान शुभमन गिल का 44.31 से 43.47 का हो गया है। बता दें, दो टेस्ट मैच की यह सीरीज टीम इंडिया 1-0 से जीतने में कामयाब रही। कोलंबो टेस्ट के पांचवें दिन की शुरुआत भारत ने बतौर फेवरेट शुरू की थी।
503 रनों पर पारी घोषित करने के बाद भारत ने श्रीलंका की पहली पारी को 290 पर समेट दिया था। दूसरी पारी में भी टीम इंडिया ने चौथे दिन के अंत तक 6 विकेट गिरा दिए थे और मेजबानों ने 16 रनों की ही मामूली बढ़त हासिल की थी। भारत को आखिरी दिन श्रीलंका के चार ही विकेट चटकाने थे, मगर टीम इंडिया ऐसा करने में नाकाम रही।