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बेंगलुरु में नए ट्रैफिक नियम लागू: सुरक्षा के मद्देनज़र KIA और ई-सिटी एलिवेटेड कॉरिडोर सहित 5 फ्लाईओवरों पर दोपहिया वाहनों की ‘नो एंट्री’

विवेक ओझा
बेंगलुरु

भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर में बढ़ता ट्रैफिक और सड़क दुर्घटनाएं हमेशा से प्रशासन के लिए एक बड़ा सिरदर्द रही हैं। इस गंभीर समस्या से निपटने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस (BTP) ने शहर के यातायात नियमों में कुछ बड़े और दूरगामी बदलाव किए हैं। 29 अगस्त, 2026 को जारी की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु में नए ट्रैफिक नियम (New traffic rules in Bengaluru) लागू किए जा रहे हैं, जिसके तहत अब कुछ प्रमुख फ्लाईओवरों और एलिवेटेड कॉरिडोर्स पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

नए नियमों के अनुसार, केआईए (KIA) और ई-सिटी एलिवेटेड कॉरिडोर्स (e-city elevated corridors) पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध (No entry for two-wheelers) लगा दिया गया है। इसके साथ ही शहर के पांच अन्य प्रमुख फ्लाईओवरों पर भी अतिरिक्त प्रतिबंध (more restrictions on five flyovers) लगाए गए हैं। बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किए गए इन कड़े निर्देशों के तहत जिन विशिष्ट मार्गों पर यह पाबंदी लगाई गई है, उनमें बीजीएस फ्लाईओवर (BGS Flyover), पीन्या एलिवेटेड कॉरिडोर (Peenya Elevated Corridor), डबल-डेकर फ्लाईओवर (Double-Decker Flyover) और केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड एलिवेटेड कॉरिडोर (Kempe Gowda International Airport Road Elevated Corridor) शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये सभी नए प्रतिबंध 4 सितंबर (September 4) से पूरी तरह से प्रभावी हो जाएंगे।

ट्रैफिक पुलिस को यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है क्योंकि पिछले कुछ समय में इन ऊंचे और तेज़ गति वाले मार्गों पर दुर्घटनाओं का ग्राफ़ तेज़ी से बढ़ा है। बीटीपी (BTP) के अनुसार, यह महत्वपूर्ण निर्णय कुछ निश्चित फ्लाईओवरों पर होने वाली दुर्घटनाओं की विस्तृत समीक्षा (review of accidents on certain flyovers) के बाद लिया गया है। इस समीक्षा में एक बेहद अहम बात यह सामने आई कि इनमें से ज़्यादातर दुर्घटनाएं वाहनों की गति में होने वाले भारी अंतर (variations in vehicle speeds) के कारण हो रही थीं।

जब भारी वाहन या तेज़ गति से चलने वाली कारें और अपेक्षाकृत धीमी गति या अस्थिर संतुलन वाले दोपहिया वाहन एक ही एलिवेटेड कॉरिडोर पर सफर करते हैं, तो गति का यह अंतर अक्सर जानलेवा साबित होता है। विशेषकर एयरपोर्ट रोड और इलेक्ट्रॉनिक सिटी (Electronics City) जैसे दो प्रमुख एलिवेटेड कॉरिडोर्स (two major elevated corridors) पर ट्रैफिक का दबाव और वाहनों की रफ़्तार बहुत अधिक होती है। 4 सितंबर से लागू हो रहे इस नियम के कारण आईटी पेशेवरों और एयरपोर्ट जाने वाले हज़ारों दोपहिया चालकों को अब सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे नीचे की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि मानव जीवन की सुरक्षा किसी भी तरह की सुविधा से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।