दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों से मुक्ति की ओर बड़ा कदम: सीएम रेखा गुप्ता का ऐलान- तीन लैंडफिल साइट्स से 100 एकड़ ज़मीन कराई गई मुक्त

द इंडियन व्यू टीम
नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सुंदरता, पर्यावरण और यहां के नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए दशकों से सबसे बड़ा कलंक बने ‘कूड़े के पहाड़ों’ (Garbage Mountains) को लेकर अब एक बहुत ही सकारात्मक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने राजधानी को कूड़ा-मुक्त बनाने के अपने अहम प्रशासनिक अभियान के तहत एक बड़ी सफलता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि दिल्ली सरकार के वैज्ञानिक उपायों के परिणामस्वरूप शहर की तीन प्रमुख लैंडफिल साइट्स (Landfill sites) से ‘लिगेसी वेस्ट’ (Legacy waste – दशकों से जमा पुराना कूड़ा) को हटाकर लगभग 100 एकड़ बेशकीमती ज़मीन (100 acres freed) को पूरी तरह से मुक्त करा लिया गया है।
गाज़ीपुर, भलस्वा और ओखला में स्थित ये विशालकाय कूड़े के पहाड़ न केवल दिल्ली के पर्यावरण को ज़हरीला बना रहे थे, बल्कि बारिश के मौसम में इनका ढहना और गर्मियों में इनमें आग लगना आम बात हो गई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक विस्तृत प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने राजधानी के इस पुराने और खतरनाक ‘लिगेसी वेस्ट’ से निपटने के लिए कई वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकी उपाय (scientific measures) अपनाए हैं। बड़े पैमाने पर बायो-माइनिंग (Bio-mining) मशीनों का उपयोग करके इस जमे हुए कचरे को अलग-अलग किया जा रहा है और उसका उचित निस्तारण किया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी सफलता ओखला लैंडफिल (Okhla landfill) पर देखने को मिली है, जहां लगभग 35 लाख टन से अधिक पुराने कचरे (35 lakh tonnes processed) को सफलतापूर्वक प्रोसेस और निस्तारित किया जा चुका है। 100 एकड़ ज़मीन का खाली होना शहरी नियोजन के लिहाज़ से एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में इतनी ज़मीन का उपयोग अब इकोलॉजिकल पार्क या अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की एक ठोस और स्पष्ट रूपरेखा पेश करते हुए यह भी घोषणा की है कि कूड़े के ये पहाड़ दोबारा न बन पाएं, इसके लिए सरकार चार नए ‘वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट’ (waste-to-energy plants) स्थापित करने जा रही है। ये प्लांट शहर से रोज़ाना निकलने वाले हज़ारों टन ताज़ा कचरे को सीधे बिजली और ऊर्जा में तब्दील कर देंगे, जिससे कचरे को डंप करने की आवश्यकता ही समाप्त हो जाएगी। दिल्ली सरकार की यह ‘ज़ीरो-लैंडफिल’ (Zero-Landfill) नीति एक स्वच्छ और हरित राजधानी के निर्माण की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम है। यदि यह गति बरकरार रही, तो आने वाले कुछ ही वर्षों में दिल्ली हमेशा के लिए इन ज़हरीले कूड़े के पहाड़ों से आज़ाद हो जाएगी।