चाइना मास्टर्स में श्रीकांत का जलवा, विक्टर लाई को हराकर अंतिम-8 में बनाई जगह
भारत के अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने गुरुवार को बड़ा उलटफेर करते हुए विश्व नंबर-9 विक्टर लाई को सीधे गेमों में हराकर चाइना मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पूर्व विश्व नंबर-1 श्रीकांत ने बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 टूर्नामेंट के मुकाबले में कनाडा के लाई को 21-18, 21-19 से हराया।
श्रीकांत ने एक घंटे से भी कम समय चले मुकाबले में संयमित और प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने दोनों गेमों में महत्वपूर्ण मौकों पर धैर्य बनाए रखा और दुनिया के नौवें नंबर के खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया। लाई हाल के दिनों में शानदार फॉर्म में थे। उन्होंने चाइना मास्टर्स के पहले दौर में भारत के लक्ष्य सेन को हराया था। इससे पहले लाई ने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था। इसके बावजूद श्रीकांत ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।

श्रीकांत ने टूर्नामेंट की शुरुआत भी आत्मविश्वास के साथ की थी। उन्होंने पहले दौर में चीनी ताइपे के विश्व नंबर-21 ची यू-जेन को महज 35 मिनट में 21-16, 21-15 से हराया था। क्वार्टर फाइनल में श्रीकांत का सामना हांगकांग चीन के ली च्युक यियू से होगा। ली ने अंतिम-16 के मुकाबले में विश्व नंबर-9 तोमा पोपोव को हराकर अगले दौर में जगह बनाई है।
चाइना मास्टर्स: तन्वी शर्मा को मियाजाकी ने दी शिकस्त, अंतिम-16 में अभियान समाप्त
भारतीय युवा बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा का चाइना मास्टर्स 2026 में सफर अंतिम-16 में समाप्त हो गया। तन्वी को गुरुवार जापान की विश्व नंबर-9 तोमोक मियाजाकी के खिलाफ 66 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में 17-21, 21-18, 16-21 से हार मिली। भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआती दौर में डेनमार्क की अमाली शुल्ज को सीधे गेमों में 21-16, 21-17 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई थी।
वहीं, मियाजाकी ने पहले दौर में अपनी हमवतन हिना अकेची को 19-21, 21-17, 21-19 से हराया था। तन्वी और मियाजाकी के बीच यह दूसरी भिड़ंत थी। इससे पहले इस साल इंडोनेशिया मास्टर्स में भी दोनों का आमना-सामना हुआ था, जहां मियाजाकी ने 21-18, 18-21, 21-16 से जीत दर्ज की थी।
पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। तन्वी और मियाजाकी लगातार अंक हासिल करती रहीं, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने अंत में बढ़त बनाते हुए पहला गेम 21-17 से अपने नाम किया। तन्वी ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की और 8-2 की बढ़त बना ली। मियाजाकी ने वापसी करते हुए स्कोर 10-10 से बराबर किया, लेकिन तन्वी ने दबाव में संयम बनाए रखा। उन्होंने ब्रेक तक 11-10 की बढ़त हासिल की और फिर 18-14 की बढ़त बनाकर गेम 21-18 से जीत लिया।
निर्णायक गेम में भी मुकाबला बराबरी का रहा। स्कोर 6-6 से बराबर होने के बाद तन्वी ने 8-7 और फिर 10-8 की बढ़त बनाई। ब्रेक तक भारतीय खिलाड़ी 11-9 से आगे थीं। ब्रेक के बाद मियाजाकी ने लगातार दबाव बनाया और 11-11 से बराबरी कर ली। इसके बाद जापानी खिलाड़ी ने मुकाबले पर नियंत्रण हासिल कर लिया और निर्णायक गेम 21-16 से जीतकर तन्वी का अभियान समाप्त कर दिया। ब्रेक के बाद तन्वी केवल पांच अंक ही हासिल कर सकीं।