जन्माष्टमी पर देश भर में भक्ति की बहार: पीएम मोदी -राष्ट्रपति ने दी शुभकामनाएं, मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

New Delhi : देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को अत्यधिक श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राजधानी दिल्ली से लेकर भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा, वृंदावन और मुंबई तक के सभी प्रमुख मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है। सुबह से ही मंदिरों में मंगला आरती और विशेष पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी इस पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू के शुभकामना संदेशप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण के निष्काम कर्म के संदेश को याद किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के दिव्य संदेश ने सदियों से मानवता का मार्गदर्शन किया है और यह पावन अवसर हर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई शक्ति का संचार करे। इसके साथ ही, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देशवासियों को बधाई देते हुए सत्य, न्याय, धर्म और करुणा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया तथा एक समावेशी व विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।प्रमुख मंदिरों में सजावट और भव्य आयोजनजन्माष्टमी के पावन पर्व पर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष और भव्य तैयारियां की गई हैं:मथुरा-वृंदावन: भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा और वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। मंगला आरती और विशेष झाकियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।दिल्ली इस्कॉन मंदिर: द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिर में इस वर्ष का आयोजन बेहद खास है, जहां भगवान को 5,600 से अधिक व्यंजनों का महाभोग लगाया जा रहा है और एआई (AI), एआर (AR) व 3डी प्रोजेक्शन तकनीक के जरिए कृष्ण लीलाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके अलावा ईस्ट ऑफ कैलाश और छतरपुर मंदिर में भी भारी भीड़ उमड़ी है।मुंबई: चौपाटी स्थित इस्कॉन मंदिर समेत मुंबई के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी सुबह की मंगला आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है ताकि भक्तों को दर्शन करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।