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चीन पर कुदरत का खौफनाक प्रहार! भयानक तूफान ‘सॉडेल’ के बाद जियांग्शी में दरका पहाड़, 1 की मौत और 11 लोग मलबे में दफ्न

विवेक ओझा
बीजिंग/जियांग्शी:
चीन के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में प्रकृति ने अपना सबसे खौफनाक रूप दिखाया है। विनाशकारी समुद्री तूफान ‘सॉडेल’ (Typhoon Saudel) के कारण चीन के कई प्रांतों में भारी तबाही मची है। सबसे भयंकर मंजर जियांग्शी (Jiangxi) प्रांत से सामने आया है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद एक पूरा का पूरा पहाड़ ही दरक गया। इस भयानक भूस्खलन (Landslide) की चपेट में आकर कई घर मलबे में तब्दील हो गए हैं, जिसमें 1 व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई है और 11 लोग अब भी जिंदा दफ्न हैं।

पहाड़ खिसकने से मची चीख-पुकार, चंद सेकंड में मलबे में तब्दील हुई बस्ती
जियांग्शी प्रांत के पहाड़ी इलाकों में जब यह भूस्खलन हुआ, तब अधिकतर लोग अपने घरों में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक आई तेज गड़गड़ाहट के साथ पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे नीचे बसी बस्ती पर आ गिरा।

  • खौफनाक तबाही: मिट्टी और भारी पत्थरों के इस विशाल रेले ने चंद सेकंड में कई घरों को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
  • मौत और लापता लोगों का आंकड़ा: रेस्क्यू टीमों ने अब तक मलबे से एक शव बरामद किया है, जबकि 11 लोग अभी भी लापता हैं। समय बीतने के साथ ही इन लापता लोगों के जिंदा बचने की उम्मीदें भी कम होती जा रही हैं।

रेड अलर्ट जारी: रेस्क्यू ऑपरेशन में मौसम बन रहा सबसे बड़ा दुश्मन
प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए प्रभावित इलाकों में आपातकाल (Emergency) घोषित कर दिया है और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि, तूफान ‘सॉडेल’ के कारण लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाएं बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बन रही हैं। मलबे के खिसकने और दोबारा भूस्खलन होने के डर से बचाव दल को भारी मशीनरी का इस्तेमाल करने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हजारों लोगों का पलायन और खौफ का साया
तूफान ‘सॉडेल’ की गंभीरता को देखते हुए चीन के मौसम विभाग ने कई तटीय और पहाड़ी इलाकों में ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) जारी किया है। एहतियात के तौर पर जियांग्शी और आसपास के खतरे वाले क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। फिलहाल पूरे देश की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं कि क्या मलबे में दबे 11 लोगों को जिंदा बाहर निकाला जा सकेगा या फिर यह कुदरती कहर उनकी जिंदगी निगल जाएगा।