यमुना एक्सप्रेसवे पर अब नहीं कटेगा एक भी रुपया! 17 सितंबर से लोकल वालों का सफर होगा बिल्कुल FREE; जानिए अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कराने का पूरा तरीका

सरिता त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा/जेवर: यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से रोजाना सफर करने वाले स्थानीय लोगों, किसानों और नौकरीपेशा वर्ग के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खुशखबरी सामने आई है। 17 सितंबर से जेवर टोल प्लाजा पर स्थानीय निवासियों को टोल टैक्स में पूरी छूट मिलने जा रही है। अब लोकल गाड़ियों से सफर करने वालों की जेब पर भारी-भरकम टोल का बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि, इस टोल-फ्री यात्रा का फायदा उठाने के लिए वाहन स्वामियों को पहले अपनी गाड़ी का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
जेवर टोल पर अब जेब नहीं होगी ढीली: किन लोगों को मिलेगा यह बंपर फायदा?
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण और टोल प्रबंधन की इस नई व्यवस्था से आसपास के गांवों और कस्बों के हजारों लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा। लंबे समय से स्थानीय निवासी इस बात को लेकर नाराजगी जता रहे थे कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में चंद किलोमीटर आने-जाने के लिए भी भारी टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद:
- जेवर और आसपास के अधिसूचित गांवों के गैर-व्यावसायिक (प्राइवेट) चार पहिया वाहनों को टोल से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा।
- रोजाना दफ्तर, कॉलेज, अस्पताल या खेती-किसानी के काम से निकलने वाले लोगों का हर महीने हजारों रुपये का टोल खर्च बचेगा।
टोल-फ्री सफर के लिए जरूरी है रजिस्ट्रेशन! इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनका वाहन सिस्टम में पहले से पंजीकृत (Registered) होगा। गैर-स्थानीय लोग इसका गलत फायदा न उठा सकें, इसलिए प्रशासन ने सख्त प्रक्रिया तय की है:
- स्थानीय पते का पुख्ता प्रमाण: वाहन मालिक का आधार कार्ड, वोटर आईडी या निवास प्रमाण पत्र, जिससे साबित हो सके कि वे जेवर टोल के दायरे में आने वाले स्थानीय क्षेत्र के निवासी हैं।
- वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC): गाड़ी की आरसी पर भी वही स्थानीय पता दर्ज होना आवश्यक है।
- टोल प्लाजा काउंटर पर वेरिफिकेशन: संबंधित दस्तावेजों की कॉपी जमा करके वाहन को सिस्टम में ‘एग्जेंप्टेड’ (Exempted) श्रेणी में टैग कराया जा सकेगा।
लंबी लड़ाई के बाद मिली जीत, क्षेत्र में खुशी की लहर
स्थानीय ग्रामीणों और किसान संगठनों द्वारा जेवर टोल पर फ्री आवाजाही को लेकर कई बार धरने और प्रदर्शन किए गए थे। जनप्रतिनिधियों और प्राधिकरण के बीच लंबी बैठकों के बाद आखिरकार 17 सितंबर से इस नियम को लागू करने पर अंतिम मुहर लग गई है। इस घोषणा के बाद से ही क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और लोग जल्द से जल्द अपनी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराने की तैयारी में जुट गए हैं।