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नेपाल में बाढ़ का तांडव: 400 अरब नेपाली रुपये का नुकसान, 1300 से ज्यादा शव बरामद और पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही मची है, जिससे शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 400 अरब नेपाली रुपये का नुकसान हुआ है। इस भीषण आपदा में अब तक 1,344 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 5 हजार लोग अभी भी लापता हैं। इस त्रासदी का असर अब नेपाल के पर्यटन कारोबार पर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है, जिससे होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री को भारी आर्थिक चोट पहुंच रही है।पर्यटन कारोबार पर मंडराया संकट और बुकिंग रद्दकाठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर से नवंबर तक चलने वाले पीक टूरिस्ट सीजन में होटलों और ट्रैवल कंपनियों की बुकिंग धड़ल्ले से रद्द होने लगी हैं। अकेले काठमांडू के एक प्रमुख होटल की लगभग 20 प्रतिशत बुकिंग कैंसिल हो चुकी हैं। होटल प्रबंधन के मुताबिक, आपदा के बाद खासकर ऑनलाइन बुकिंग में तेजी से गिरावट और कैंसिलेशन देखने को मिला है। विदेशी पर्यटकों के मन में बनी इस नकारात्मक छवि को दूर करने के लिए नेपाल सरकार ने अब #NepalCalling कैंपेन की शुरुआत की है, जिसके तहत यह बताया जा रहा है कि काठमांडू, पोखरा, चितवन, लुंबिनी, जनकपुर और एवरेस्ट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पूरी तरह सुरक्षित और खुले हुए हैं।ग्लेशियल झीलों का खतरा और नेपाल का प्रोजेक्टइस आपदा ने नेपाल में ग्लेशियल झीलों के फटने के खतरे को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। इससे निपटने के लिए नेपाल सरकार लगभग 50 करोड़ डॉलर के एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जिसके तहत चार खतरनाक ग्लेशियल झीलों का पानी घटाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में कोशी और गंडकी बेसिन की चार प्रमुख झीलें—सोलुखुम्बु की लुमडिंग त्शो और होंगु-2, संखुवासभा की लोअर बरुण तथा मनांग की थुलागी (डोना)—शामिल हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि केवल झीलों का जलस्तर कम करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसके लिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, हर झील का अलग अध्ययन और बाढ़ के रास्तों पर निर्माण कार्यों पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारीराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, सुरक्षा बलों द्वारा अब तक 13,101 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। सरकार का अनुमान है कि अगले 6 महीनों में राहत, बचाव और तत्काल प्रबंधन के लिए करीब 8 अरब नेपाली रुपये की भारी-भरकम राशि की आवश्यकता होगी।बुनियादी ढांचे को भारी नुकसानआपदा के कारण देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपूरणीय क्षति हुई है। शुरुआती आकलन के मुताबिक नेपाल में लगभग 7,570 घर प्रभावित हुए हैं, जबकि 55 किलोमीटर सड़कें, 37 सड़क पुल और 68 झूला पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा 1,806 हेक्टेयर कृषि भूमि और 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के प्रभावित होने से करीब 783 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता को भी गहरा झटका लगा है।