लखनऊ की ऐतिहासिक दरगाह दादा मियां पर सजा सालाना उर्स, अल्पसंख्यक मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने पेश की चादर

Lucknow : लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित हजरत ख्वाजा मोहम्मद नबी रजा शाह अलमारूफ ‘दादा मियां’ के 119वें पांच दिवसीय सालाना उर्स के दूसरे दिन शनिवार शाम उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण, हज व वक्फ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दानिश आजाद अंसारी ने दरगाह शरीफ पहुंचकर प्रदेश सरकार की ओर से पारंपरिक चादर पेश की। इस दौरान पारंपरिक फारसी कलाम पढ़ते हुए कव्वालों के जुलूस के साथ चादर को पूरी अकीदत के साथ दरगाह तक पहुंचाया गया। मंत्री ने मजार पर फूल चढ़ाकर देश और प्रदेश में अमन, शांति व तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी।नूरानी माहौल से सराबोर रहा परिसर, कुरानख्वानी में उमड़े ताबे-इल्म उर्स के दूसरे दिन शनिवार सुबह छह बजे से ही दरगाह परिसर में कुरानख्वानी की रूहानी महफिल सजाई गई। सदर बाजार के विभिन्न मदरसों से पहुंचे ताबे-इल्म (विद्यार्थियों) और बड़ी संख्या में जायरीन ने इसमें पूरे उत्साह के साथ शिरकत की। दारुल उलूम शाहे रजा के मुदर्रिस अनवर जहांगीरी ने इत्तेमाई दुआ कराई, जिससे पूरा परिसर नूरानी और आध्यात्मिक रंग में रंग गया। उर्स के दौरान रात नौ बजे हल्का-ए-जिक्र की विशेष महफिल का भी आयोजन किया गया, जिसमें देश के कोने-कोने से आए अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया।सज्जादानशीन ने की व्यवस्थाओं की देखरेख, बोले- यह स्थल आपसी भाईचारे की मिसाल दरगाह के सज्जादानशीन ख्वाजा मोहम्मद सबाहत हसन शाह ने मंत्री दानिश आजाद अंसारी का स्वागत किया और उर्स की मुबारकबाद दी। सज्जादानशीन ने कहा कि यह दरगाह सदियों से हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का एक जीवंत केंद्र रही है। उर्स में आने वाले देश भर के जायरीन के लिए दरगाह प्रशासन की ओर से ठहरने, सुरक्षा और लंगर की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।