BHU अस्पताल में मचा बड़ा हड़कंप! पद्मश्री डॉ. लाहिड़ी के इलाज में भारी ‘चूक’? रातों-रात हटाए गए डॉ. अरविंद, रिपोर्ट में खुलेंगे कई गहरे राज

अभिषेक सिंह
वाराणसी/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अस्पताल में भर्ती देश के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. टी.के. लाहिड़ी (Dr. T.K. Lahiri) के इलाज को लेकर एक बड़ा और कड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। डॉ. लाहिड़ी की चिकित्सा और देखरेख के प्रभारी रहे डॉ. अरविंद को रातों-रात उनके प्रभार से हटा दिया गया है। इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई ने पूरे अस्पताल परिसर और चिकित्सा जगत में हड़कंप मचा दिया है।
इलाज में घोर लापरवाही या विभागीय राजनीति? जांच पर टिकी निगाहें
पद्मश्री डॉ. लाहिड़ी जैसे हाई-प्रोफाइल और देश भर में सम्मानित व्यक्ति के इलाज में किसी भी तरह की कोताही को बीएचयू प्रशासन बिल्कुल बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। डॉ. अरविंद को अचानक उनके पद से हटाए जाने के पीछे कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं:
- क्या हुई थी बड़ी चूक? सूत्रों के मुताबिक, डॉ. लाहिड़ी की चिकित्सा देखभाल, नर्सिंग स्टाफ के रवैये और मेडिकल प्रोटोकॉल में कुछ गंभीर कमियों की शिकायतें उच्चाधिकारियों तक पहुंची थीं, जिसके बाद प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
- हाई-लेवल कमेटी की पैनी नजर: इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की तह तक जाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एक जांच कमेटी का गठन कर दिया है, जो इस बात की पड़ताल कर रही है कि आखिर वीआईपी वार्ड के भीतर चूक कहां और कैसे हुई।
जल्द जारी होगी जांच रिपोर्ट, कई और बड़े चेहरों पर गिर सकती है गाज!
डॉ. अरविंद पर हुई इस सख्त कार्रवाई के बाद अब सबकी निगाहें जांच कमेटी की उस गोपनीय ‘जांच रिपोर्ट’ पर टिकी हैं, जो बहुत जल्द सार्वजनिक होने वाली है। इस रिपोर्ट के आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामला केवल एक डॉक्टर की लापरवाही का है या इसके तार अस्पताल की किसी बड़ी विभागीय खींचतान से जुड़े हैं।
पद्मश्री डॉ. लाहिड़ी सिर्फ एक मरीज नहीं, बल्कि बीएचयू और पूरे देश की एक धरोहर हैं। उनके मामले में प्रशासन द्वारा उठाया गया यह त्वरित कदम स्पष्ट संदेश देता है कि मरीजों की जान और स्वास्थ्य के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि जांच रिपोर्ट के खुलासे के बाद क्या कुछ और डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकेगी?