Trending

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के नए उपराज्यपाल बने भाजपा सांसद दिनेश शर्मा, एडमिरल डी.के. जोशी की लेंगे जगह

राघवेन्द्र प्रताप सिंह
नई दिल्ली / पोर्ट ब्लेयर

केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए देश के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश के नेतृत्व में बदलाव किया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और सांसद दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल (Lt Governor) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति इस द्वीप समूह के प्रशासनिक और विकासात्मक ढांचे में एक नई राजनीतिक दिशा का संकेत देती है।

इस नई नियुक्ति के साथ ही अंडमान और निकोबार के राजभवन में एक लंबे कार्यकाल का अंत हो रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, श्री शर्मा निवर्तमान उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे। एडमिरल डी. के. जोशी (Admiral D K Joshi) ने 8 अक्टूबर, 2017 को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल के रूप में पदभार संभाला था। उनका लगभग नौ वर्षों का लंबा कार्यकाल द्वीप समूह में बुनियादी ढांचे के विकास और नौसैनिक रणनीतियों के विस्तार के लिए जाना जाता है।

एक सैन्य पृष्ठभूमि वाले प्रशासक (एडमिरल जोशी) के बाद एक सक्रिय राजनेता और वर्तमान सांसद (दिनेश शर्मा) को यह कमान सौंपना केंद्र सरकार की रणनीति में एक बदलाव को दर्शाता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भौगोलिक रूप से हिंद महासागर और मलक्का जलडमरूमध्य के बेहद करीब स्थित हैं, जो इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के लिए प्रथम रक्षा पंक्ति बनाता है।

उपराज्यपाल के रूप में दिनेश शर्मा के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी। एक तरफ जहां उन्हें इस पर्यावरण-संवेदनशील द्वीप समूह में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (जैसे ग्रेट निकोबार डेवलपमेंट प्रोजेक्ट) को आगे बढ़ाना होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय आदिवासी समुदायों के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक संतुलन भी स्थापित करना होगा। एक अनुभवी राजनेता के तौर पर उनकी प्रशासनिक क्षमताएं इस केंद्र शासित प्रदेश में केंद्र की नीतियों को सुचारू रूप से लागू करने में अहम भूमिका निभाएंगी।