सत्य निकेतन हादसा: भिवाड़ी से पकड़ा गया फरार मालिक हरिराम बंसल, सात मृतकों की पहचान

New Delhi : दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुई पांच मंजिला इमारत के जमींदोज होने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अवैध रूप से लड़कों के हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल की जा रही इस 30 साल पुरानी खस्ताहाल इमारत के मलबे में दबने से जान गंवाने वाले 7 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि अन्य संभावित लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे मुख्य इमारत मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है, जिससे पूछताछ के लिए उसे दिल्ली लाया जा रहा है।हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों और अन्य मृतकों के नामप्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, इस भीषण हादसे में अपनी जान गंवाने वाले सात लोगों में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल हैं। मोती लाल नेहरू कॉलेज के बीकॉम द्वितीय वर्ष के दो होनहार छात्र, जो हॉस्टल की टॉप फ्लोर पर एक ही कमरे में रहते थे, इस हादसे का शिकार हो गए। मृतकों की पूरी सूची इस प्रकार है:अभिषेक: पिता संतोष कुमार, निवासी – रेनूकूट, सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)युवराज सोनी: पिता कन्हैया लाल सोनी, निवासी – दुर्ग (छत्तीसगढ़)पवन: पिता विशंभरनाथ, निवासी – बाबा दयाराम नगर, औरेया (उत्तर प्रदेश)अर्पित जहज: पिता भूपेंद्र जहज, निवासी – 60, जय बजरंग नगर, देवास (मध्य प्रदेश)अक्षत सिंह यादव: पिता मंता सिंह यादव, निवासी – 387, दुबे कॉलोनी, कटनी (मध्य प्रदेश)सुरेंद्र सिंह: पिता केवल सिंह, निवासी – अर्जुन नगर (दिल्ली)एक अन्य मृतक: अज्ञात (पहचान की प्रक्रिया जारी)MCD कमिश्नर का बयान और 5 भ्रष्ट अधिकारी सस्पेंडदिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर संजीव खिरवार ने इस पूरे हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जानकारी दी है कि इस जमींदोज इमारत के बगल वाली कमजोर हो चुकी संरचना को भी रातभर में सपोर्ट देकर मजबूत किया गया है, जिसे अगले एक-दो दिनों में योजनाबद्ध तरीके से गिरा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 1970 के दशक की इस पुरानी इमारत को कभी कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था और न ही इसके खिलाफ कोई पूर्व शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, इस भारी लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली सरकार ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, एसई रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार समेत पांच बड़े अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।गुरुग्राम में दुकान पर ताला और मालिक की गिरफ्तारी के लिए दबिशमुख्य आरोपी और इमारत मालिक हरिराम बंसल गुरुग्राम के सेक्टर-23 में ‘हरी पेंट्स एंड हार्डवेयर’ के नाम से अपनी दुकान चलाता था। हादसे के बाद से ही वह अपना घर और दुकान बंद करके फरार हो गया था, जिसके बाद से दिल्ली पुलिस की कई टीमें उसकी धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही थीं। स्थानीय पड़ोसियों के अनुसार, बंसल की इलाके में कई अन्य प्रॉपर्टी भी हैं। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर राजस्थान के भिवाड़ी से उसे दबोचने में सफलता हासिल की है। अब पुलिस यह खंगालने में जुटी है कि इस जर्जर और अवैध निर्माण को बिना किसी सुरक्षा मानकों के हॉस्टल के रूप में संचालित करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।